CM धामी का ऐलान- उत्तराखंड 12वीं बोर्ड के टॉप 100 को 5 साल सरकारी स्कॉलरशिप

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Wed, 22nd Sep 2021, 6:23 PM IST
  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान किया है कि सूबे के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले 12वीं के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में टॉप 100 में जगह बनाने पर उच्च शिक्षा के लिए पांच साल छात्रवृत्ति दी जाएगी. सीएम ने सचिवालय में हुए शिक्षा विभाग अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिए.
12वीं के होनहोरों को टाप 100 में जगह बनाने पर मिलेगी छात्रवृत्ति (फाइल फोटो : प्रतीकात्मक)

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राज्य सचिवालय की समीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंनें बैठक में कहा कि शिक्षकों के तबादलों से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में एक सेल यानि प्रकोष्ठ बनाया जाएगा. इसके साथ हीं सूबे में शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के लिए कई अहम निर्देश भी दिए . 

विद्यार्थियों को दिए जाएंगें निःशुल्क किताबें, छात्रवृत्ति और साईकिल

अभी तक सूबे में अनुसूचित जाति (SC),अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से ताल्लुक रखने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं और कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 के सभी विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूलों में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की जाती थी मगर अब अगले साल से सूबे के सभी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से लेकर 12 तक सभी वर्गों के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें मुहैया करायी जाएगी. साथ हीं यदि सूबे के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले 12वीं के विद्यार्थी अपनी जगह टाप 100 में बनाते हैं तो उन्हें 5 साल तक उच्च शिक्षा की तैयारी करने के लिए छात्रवृत्ति दिए जाने की व्यवस्था भी दी जाएगी. आगे उन्होंनें शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि मैदानी क्षेत्र में रहने वाले कक्षा 9 वीं की छात्राओं को साइकिल और पर्वतीय क्षेत्र की छात्राओं को 2850 रुपये की सहायता धनराशि दिए जाने का प्रस्ताव जल्द तैयार किया जाए.

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खाली पड़े पदों पर होगी भर्ती

उन्होंनें सूबे के स्कूलों में प्रिंसिपलों के खाली पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने साथ हीं सरकारी स्कूलों में खाली पड़े अंग्रेजी और कंप्यूटर के अध्यापकों की जरूरत को पूरा करने के लिए गेस्ट टीचरों को संविदा यानि एडहॉक पर बुलानें संबधी निर्देश भी दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही परिसर में चल रहे स्कूलों के एकीकरण के प्रस्तावों को निपटाने के लिए महानिदेशक की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठन किया जाए. 

बेहतरी के लिए शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार संबन्धी निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में कहा कि शिक्षा महत्वपूर्ण विभाग है, प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े अधिकारी नई कार्य संस्कृति के साथ कार्य करें. कार्यों में तेजी लाने के लिए नियमों के सरल किया जाए, समस्याओं का समाधान किया जाए एवं सबकी संतुष्टि के मंत्र के साथ दायित्वों का निर्वहन किया जाए. आगे उन्होंनें कहा शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी महीने में किसी एक दिन स्वेच्छा से स्कूलों में बच्चों को भी पढ़ाएंगे. इसके आलावा उन्होंनें कहा कि अध्यापकों को अच्छा वेतन व सुविधाएं मिलने के बावजूद शिक्षा में गुणात्मक सुधार की कमी रहने का यह प्रश्न हम सबके सामने है.ऐसे में इस दिशा में हम सबको चिंतन करना होगा. यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है. हमें पूरे मनोयोग से शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रयास करने होंगे.

इस बैठक में सचिव शिक्षा राधिका झा ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा के प्रशासनिक और शैक्षिक ढांचे, भावी कार्य योजनाओं, वित्तीय स्थिति आदि की जानकारी दी. इस मौके पर शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, मुख्य सचिव डॉ. एसएस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक शिक्षा सीमा जौनसारी, निदेशक अकादमिक शिक्षा राकेश कुंवर और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे.

 

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