बड़ा फैसला: उत्तराखंड HC ने चार धाम यात्रा पर लगी रोक हटाई, श्रद्धालुओं को माननी होंगी ये शर्ते

Swati Gautam, Last updated: Thu, 16th Sep 2021, 3:18 PM IST
  • उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 16 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान चार धाम यात्रा पर लगी रोक को हटा दिया है. हाईकोर्ट ने 26 जून को चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी थी. अदालत ने कहा कि कोविड नियमों का पालन करते हुए श्रद्धालु चार धाम की यात्रा कर सकेंगे. श्रद्धालुओं को कोरोना टेस्ट में नेगेटिव सर्टिफिकेट और वैक्सीन की दोनों डोज दिखाकर ही धामों में एंट्री मिलेगी.
बड़ा फैसला: उत्तराखंड HC ने चार धाम यात्रा पर लगी रोक हटाई, श्रद्धालुओं को माननी होंगी ये शर्ते 

देहरादून. उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला लिया जिसमें कोर्ट ने चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटा दी. इस साल कुछ शर्तों को मानने के साथ श्रद्धालु चारधाम की यात्रा कर पाएंगे. मालूम हो कि देशभर में कोरोना का कहर फैलने के कारण हाईकोर्ट ने 26 जून को चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी थी लेकिन आज यानी 16 सितंबर को हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान चारधाम यात्रा के कुछ शर्तों के साथ आरंभ करने की इजाजत दे दी है. अदालत ने कहा कि श्रद्धालुओं को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा और चारों धामों के किसी भी कुंड में किसी को स्नान करने की इजाजत नहीं होगी.

16 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार की याचिका पर सुनावाई करते हुए कई आदेश दिए. उन्होंने कहा कि केदारनाथ में हर रोज 800, बदरीनाथ् में 1200, गंगोत्री में 600 और यमनोत्री धाम में 400 यात्रियों के जाने की इजाजत देनी होगी. इसके अलावा श्रद्धालुओं को अपना कोविड नेगेटिव सर्टिफिकेट दिखाना होगा साथ में कोविड वैक्सीन के दोनों टीके लगाने के बाद ही श्रद्धालुओं को धामों में जाने की इजाजत मिलेगी. वहीं चारों धामों के किसी भी कुंड में किसी को स्नान करने की इजाजत नहीं होगी.

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कोर्ट ने न केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि पुलिस के लिए भी आदेश जारी किए. अदालत ने कहा कि जिन जिलों में चार धाम पड़ते हैं वहां यात्रा रूट पर आवश्यकतानुसार पुलिस बल तैनात होंगे. मालूम हो कि इस साल की चार धाम यात्रा को संचालित किए जाने को लेकर राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में अधिक समय लगने की वजह से राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी को वापस ले लिया था और 10 सितंबर को हाईकोर्ट में अनुरोध पत्र दाखिल किया था. जिस पर हाईकोर्ट ने 16 सितंबर को सुनवाई करने की बात कही थी.

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