दूसरे दशरथ मांझी बने उत्तराखंड के गबर सिंह, पहाड़ काटकर गांव से जोड़ दी सड़क

Nawab Ali, Last updated: Fri, 17th Sep 2021, 6:46 PM IST
  • उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के रहने वले गबर सिंह ने अकेले ही बिना किसी सरकारी मदद के 2 किलोमीटर लंबा पहाड़ काटकर गांव तक सड़क पहुंचाई है. उत्तरकाशी के फुवाण गांव में देश की आजादी से अब तक सड़क नहीं पहुंच पाई थी. गबर सिंह खुद सड़क बनाकर सरकारी तंत्र को आइना दिखाने का काम किया है.
उत्तरकाशी के फुवाण गांव में गबर सिंह ने 2 किलोमीटर पहाड़ काटकर अकेले बना दी सड़क. (फाइल फोटो)

देहरादून. उत्तराखंड में आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां सड़क नहीं पहुंच पाई है. तमाम सरकारों ने विकास के बड़े-बड़े दावे तो किये लेकिन सभी दावे हवाई साबित हो रहे हैं. बिहार के दशरथ मांझी ने सरकार से परेशान होकर पहाड़ काटकर अपने गांव गहलौर में सड़क पहुंचाई थी. उसी तरह उत्तराखंड के उत्तरकाशी के फुवाण गांव के रहने वाले गबर सिंह ने अपने दम पर पहाड़ काटकर दो किलोमीटर लंबी सड़क बना डाली. गबर सिंह के इस शानदार काम के लिए गांव वालों ने समारोह आयोजित कर सम्मानित किया है.

उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश से अलग हुए 20 साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन उत्तरकाशी जिले के फुवाण गांव में सरकारें सड़क नहीं पहुंचा पाई. गांव वालों को लंबी चड़ाई चढ़ कर ही गांव जाना पड़ता है. लेकिन गांववालों के इस दुःख को गबर सिंह से बर्दाश्त नहीं और जेसीबी उठाकर खुद सड़क बनाने का निश्चय कर लिया. गबर सिंह के हौंसलों के आगे पहाड़ बौना साबित हुआ और गबर सिंह ने मात्र डेढ़ महीने के अंदर ही दो किलोमीटर पहाड़ काटकर गांव तक सड़क पहुंचा दी. बड़ी बात तो यह है कि इस सड़क को बनाने के लिए गबर सिंह ने सरकार से कोई सहायता भी नहीं.

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फुवाण गांव में सड़क बनने के बाद जब पहला वाहन पहुंचा तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. गबर सिंह का फूल-मालाओं से गांववासियों ने समारोह आयोजित कर स्वागत किया. गांववालों का कहना है कि जो काम प्रशासन नहीं कर पाया है वो काम गबर सिंह ने कर दिखाया है. डीएम उत्तरकाशी मयूर दीक्षित का कहना है कि अगर किसी ने गांव में खुद से सड़क निर्माण किया है तो यह एक सराहनीय काम है. जिसके लिए उक्त व्यक्ति को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जायेगा.

 

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