देहरादून: नलों में पानी आए बिना ही लोगों के घर पहुंच रहा बिल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

Somya Sri, Last updated: Sun, 19th Dec 2021, 10:36 AM IST
  • देहरादून के धारकोट क्षेत्र में ग्रामीणों के घर बिना पानी आए ही बिल पहुंच रहा है. जिसे लेकर जिलास्तरीय बोर्ड बैठक में ग्रामीणों ने ये मुद्दा उठाया. जिसपर जिला पंचायत अध्यक्ष ने संयुक्त निरीक्षण करने को कहा है. बोर्ड बैठक में विकास कार्यों के लिए करीब 130 करोड़ का बजट पारित किया गया. बैठक में पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, पेंशन संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई.
देहरादून: नलों में पानी आए बिना ही लोगों के घर पहुंच रहा बिल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा (प्रतिकात्मक फोटो)

देहरादून: देहरादून से सटे रायपुर ब्लॉक के द्वारा धारकोट क्षेत्र में लोगों के घर पानी नहीं पहुंच रहा है. हाल ही में लोगों के घर 1 करोड़ रुपए की लागत से पेयजल लाइनें बिछाई गई थी घरों में नल लगाए गए थे. लेकिन अब तक पानी नहीं पहुंच रहा है. जबकि उनके घर पानी का बिल आ गया है. जिसे लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया. शनिवार को हुए जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में उन्होंने यह मुद्दा उठाया. जिला पंचायत सभागार में अध्यक्ष मधु चौहान की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक आयोजित हुई. जिसमें विकास कार्यों के लिए करीब 130 करोड़ का बजट पारित किया गया.

जानकारी के मुताबिक बोर्ड बैठक में पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, पेंशन संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई. इसके साथ ही रायपुर ब्लॉक के द्वारा सीट से जिला पंचायत सदस्य अश्वनी बहुगुणा ने हर घर जल योजना पर सवाल खड़े किए. जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष ने संयुक्त निरीक्षण करने को कहा है. बता दें कि बैठक में मनरेगा के तहत देहरादून जिले के लिए वर्ष 2022-23 के लिए 58 करोड़ का बजट पास किया गया. जबकि अन्य विकास कार्यो के लिए 72 करोड़ का बजट पास किया गया है.

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वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में विभाग तेजी दिखाएं. हालांकि सदस्य दिव्या बेलवा ने आरोप लगाया कि हाथी की ओर से की गई फसल के नुकसान का मुआवजा भी अब तक नहीं मिला है. जानकारी के मुताबिक बोर्ड बैठक में जिला स्तर के कई अधिकारी नहीं पहुंचे थे. जिस पर जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष ने नाराजगी जताई। बताया जा रहा है कि बोर्ड बैठक में जिला प्रशासन की ओर से अधिकारी नहीं थे ना ही सिंचाई विभाग की ओर से अधिकारी आए थे. सिंचाई विभाग के खिलाफ बैठक में निंदा प्रस्ताव के पारित कर दिया गया है. सदस्यों ने बैठक में जिलाधिकारी के उपस्थित ना होने पर सवाल खड़े किए हैं.

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