वैज्ञानिकों का दावा- आपकी आंख देखकर पता चल जाएगा, कब तक जिंदा रहेंगे

Ruchi Sharma, Last updated: Fri, 21st Jan 2022, 12:55 PM IST
  • इंसान का जीवन कितना बचा है, आंखों से इसकी जानकारी मिल सकेगी. यानी आंखों की जांच करके मौत के रिस्क की गणना की जा सकेगी. यह दावा ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न सेंटर फॉर आई रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने एक हालिया अध्ययन में किया है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

कहते हैं कि आंखें सब बोलती हैं. इंसान के अंदर छिपे सारे राज़ खोलती हैं. आंखे मन का आईना होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं आंखे एक और बड़ा राज खोल सकती हैं वह आपके जीवन से जुड़ी है. दरअसल इंसान का जीवन कितना बचा है, आंखों से इसकी जानकारी मिल सकेगी. यानी आंखों की जांच करके मौत के रिस्क की गणना की जा सकेगी. यह दावा ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न सेंटर फॉर आई रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने एक हालिया अध्ययन में किया है. शोधकर्ताओं का कहना है, आंखों में मौजूद रेटिना इंसान की सेहत का आइना होता है इसलिए आंखों को स्‍कैन करके यह बताया जा सकेगा कि मौत का खतरा कितना है. कितना जीवन बचा है. जांच में रेटिना पर दिखने वाले उम्र के असर को समझा जा सकता है. यह अध्ययन ब्रिटिश जनरल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में प्रकाशित हुआ है.

शोधकर्ताओं ने एक नया आर्टिफिशियल इंटेल तैयार किया है, जो किसी व्यक्ति के जीवन के वर्षों की भविष्यवाणी करने में मदद कर सकता है. वह भी उनकी आंखों की रेटिना के पीछे की ऊतक को देख कर. शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि रेटिना का अध्ययन एक विंडो का काम करेगी. इससे वह हेल्थ के बारे में जान सकेंगे. अध्ययन में ब्रिटेन बायोबैंक में भाग लेने वाले लोगों द्वारा दिए गए नमूनों से 130000 से अधिक रेटिना छवियों का विश्लेषण किया गया. 40 और 69 की उम्र के बीच 50,0000 से अधिक लोगों पर लंबे समय तक यह शोध हुए हैं.

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लग सकता है कई बीमारियों का पता

प्रोफेसर डॉक्टर लीजा झू कहते हैं कि रेटिना के ठीक पीछे मौजूद लेयर प्रकाश के प्रति सेंसिटिव होती है. इसकी मदद से कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है. उनका कहना है क शोध के परिणाम उत्साहित करने वाले हैं इससे भविष्य में कई बीमारियों का इलाज किया जा सकेगा. इससे पहले हुए अध्ययन में अल्जाइमर और हृदय रोगों के बारे में भविष्यवाणी करने का दावा किया गया था.

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