शनिवार को शनि देव की आरती करने से बनेंगे सभी बिगड़े काम

Anuradha Raj, Last updated: Sat, 11th Sep 2021, 7:12 PM IST
  • शनि देव को शनिवार का दिन समर्पित होता है. हिंदू धर्म में शनि देव के पूजन का विशेष महत्व होता है. ऐसी मान्यता है कि शनि देव की नजर जिस पर पड़ जाती है उसकी जिंदगी में तनाव बढ़ जाता है.
शनिदेव की आरती

शनि देव को सूर्य देव और देवी छाया की संतान माना जाता है, ये कहा जाता है कि कर्मफल के देवता हैं शनि देव. हर व्यक्ति को उसके कर्म के आधार पर ही फल मिलता है. शनि देव की पूजा शनिवार को की जाती है ऐसी मान्यता है. शनि की महादशा, साढेसाती या ढैय्या जिस भी व्यक्ति पर चल रही हो, विधि-विधान से उसे शनि देव की पूजा अर्चना करना चाहिए, और उसके बाद आरती करना कभी नहीं भूलना चाहिए. ऐसी मान्यता है कि शनि देव की आरती करके उन्हें बहुत ही जल्द प्रसन्न किया जा सकता है. जो लोग शनि देव की आरती करते हैं उनके सभी कष्ट और संकट दूर हो जाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं शनि देव की आरती और महिमा के बारे में.

ऐसी मान्यता है कि शनि चालीसा या शनि मंत्रों का पाठ अगर आप शनिवार को कर रहे हैं तो शनि देव की आरती जरूर करें, इससे आप पर किसी भी दशा का प्रभाव नहीं पड़ेगा. मालूम हो सरसों के तेल के दीपक में काला तिल डाल शनि देव की आरती होती है. अगर शनि देव का मंदिर आपके आस-पास नहीं है तो पीपल के पेड़ या हनुमान मंदिर में भी शनि देव का पूजन कर सकते हैं. इस दिन सरसों तेल का दान करना भी काफी शुभ माना जाता है.

शनि देव की आरती

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

जय जय श्री शनि देव....

श्याम अंग वक्र-दृ‍ष्टि चतुर्भुजा धारी।

नी लाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥

जय जय श्री शनि देव....

क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।

मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥

जय जय श्री शनि देव....

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।

लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥

जय जय श्री शनि देव....

देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।

विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥

जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।।