Navratri 2021: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, शत्रुओं का होगा नाश

Anuradha Raj, Last updated: Fri, 1st Oct 2021, 7:39 PM IST
  • नवरात्रि का पर्व 7 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है. ऐसे में विधि-विधान से मैं दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना करती चाहिए. ऐसा करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है.
Navratri 2021

मां कालरात्रि के स्वरूप को तेज औऱ यश से परिपूर्ण माना जाता है. कालरात्रि का स्वरूप बहुत ही ज्यादा भयंकर होता है. हालांकि कालरात्रि का ह्रदय पुष्प के समान कोमल माना जाता है. मां दुर्गा का सातवा स्वरूप मां कालरात्रि को माना जाता है. महासप्तमी को यानी नवरात्र के सातवें दिन की जाती है. मां कालरात्रि की पूजा करने से मान्यता है कि भूत-प्रेत और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. मां कालरात्रि को पुराणों में शुभंकारी कहा जाता है. कालरात्रि के नाक से आग की लपटें निकलती हैं, जो सबको राख कर देती हैं. मां कालरात्रि की सवारी गधे को माना जाता है. जो भी भक्त मां कालरात्री की आरती करेगा उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे.

मां कालरात्रि की आरती (Maa Kalratri Aarti in Hindi Navratri 2021)

 

कालरात्रि जय-जय-महाकाली।

काल के मुंह से बचाने वाली।

दुष्ट संहारक नाम तुम्हारा।

महाचंडी तेरा अवतार।

पृथ्वी और आकाश पे सारा।

महाकाली है तेरा पसारा।

खड्ग खप्पर रखने वाली। ‌

दुष्टों का लहू रखने वाली।

कलकत्ता स्थान तुम्हारा।

सब जगह देखूं तेरा नजारा।

सभी देवता सब नर-नारी।

गावें स्तुति सभी तुम्हारी। ‌

रक्तदंता और अन्नपूर्णा।

कृपा करे तो कोई भी दु:ख ना।

ना कोई चिंता रहे बीमारी।

ना कोई गम ना संकट भारी।

उस पर कभी कष्ट ना आवें।

महाकाली मां जिसे बचावे।

तू भी भक्त प्रेम से कह।

कालरात्रि मां तेरी जय।

 

मां कालरात्रि बीज मंत्र:

क्लीं ऐं श्री कालिकायै नमः।

 

कालरात्रि मंत्र (Navratri 2021 Kalratri Mantra)

1. ज्वाला कराल अति उग्रम शेषा सुर सूदनम।

त्रिशूलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते।।

2. ॐ देवी कालरात्र्यै नमः।

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