AAP नेता प्रीति मेनन ने कंगना रनौत के बयान को कहा देशद्रोही, पुलिस से केस दर्ज करने की मांग

Swati Gautam, Last updated: Thu, 11th Nov 2021, 5:40 PM IST
  • एक्ट्रेस कंगना रनौत ने एक कार्यक्रम में कहा कि 1947 में मिली आज़ादी भीख थी, असली आज़ादी 2014 में मिली. कंगना की इस टिप्पणी को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने देशद्रोही और भड़काऊ करार दिया. साथ ही मुंबई पुलिस को एक आवेदन दिया जिसमें कंगना रनौत पर मामला दर्ज कर करवाई करने की मांग की गई है.
AAP नेता प्रीति मेनन ने कंगना रनौत के बयान को कहा देशद्रोही, पुलिस से केस दर्ज करने की मांग. file photo

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ज्यादातर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं. हाल ही में कंगना रनौत को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया. जिसके बाद एक्ट्रेस टाइम्स नाउ समिट 2021 में शामिल हुईं. इस कार्यक्रम के दौरान हुई बातचीत में कंगना ने विवादित बयान दे डाला और कहा कि 1947 में मिली आज़ादी भीख थी, असली आज़ादी 2014 में मिली. कंगना के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मच गया है. कंगना की इस टिप्पणी पर आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने देशद्रोही और भड़काऊ करार दिया. इतना ही नहीं प्रीति शर्मा मेनन ने मुंबई पुलिस को एक आवेदन भी दिया है जिसमें कंगना रनौत पर मामला दर्ज कर करवाई करने की मांग की गई है.

प्रीति शर्मा मेनन ने ट्वीट करते हुए कहा कि उन्होंने मुंबई पुलिस को एक आवेदन प्रस्तुत किया है जिसमें कंगना रनौत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 504, 505 और 124 ए के तहत उनके देशद्रोही और भड़काऊ बयानों के लिए कार्रवाई का अनुरोध किया गया है. उन्होंने आगे लिखा है कि उम्मीद है कि जल्द से जल्द मुंबई पुलिस एक्शन लेगी. वहीं दूसरे ट्वीट में लिखा गया है कि आम आदमी पार्टी कंगना रनौत द्वारा दिए गए अपमानजनक बयान की कड़ी निंदा करती है जिसमें कहा गया है कि 1947 में मिली आज़ादी भीख थी, असली आज़ादी 2014 में मिली.

कंगना के बयान से फिर बवाल, कहा-1947 में भीख मिली थी, आजादी 2014 में मिली

मालूम हो कि इससे पहले भाजपा के लोकसभा सदस्य वरुण गांधी ने भी एक्ट्रेस कंगना रनौत को उनकी टिप्पणी को लेकर फटकार लगाई थी और कहा था कि यह एक राष्ट्र विरोधी कार्य है. बता दें कि कंगना रनौत ने टाइम्स नाउ समिट 2021 में अपने बयान में कहा कि, ‘सावरकर, रानी लक्ष्मीबाई, नेता सुभाषचंद्र बोस इन लोगों की बात करूं तो ये लोग जानते थे कि खून बहेगा लेकिन ये भी याद रहे कि हिंदुस्तानी-हिंदुस्तानी का खून न बहाए. उन्होंने आजादी की कीमत चुकाई, यकीनन. पर वो आजादी नहीं थी वो भीख थी. जो आजादी मिली है वो 2014 में मिली है.

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