पनामा पेपर्स केस: मुश्किल में बच्चन परिवार, ED के सामने पेश हुईं ऐश्वर्या राय

Ruchi Sharma, Last updated: Mon, 20th Dec 2021, 3:40 PM IST
  • पनामा पेपर्स ने बच्चन के परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पनामा पेपर्स से जुड़े मामले में ऐश्वर्या राय बच्चन को समन किया गया है. उन्हें परिवर्तन निदेशालय पूछताछ के लिए बुलाया गया. जिसके बाद ऐश्वर्या राय आज सोमवार को दिल्ली दफ्तर में पूछताछ में शामिल होने पहुंची.
पनामा पेपर्स केस: मुश्किल में बच्चन परिवार, ED के सामने पेश हुईं ऐश्वर्या राय

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन की बहू ऐश्वर्या राय बच्चन चर्चा में है. यह चर्चा उनकी आने वाली कोई फिल्म कि नहीं बल्कि दुनिया भर में चर्चित पनामा पेपर्स मामले को लेकर है. पनामा पेपर्स ने बच्चन के परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पनामा पेपर्स से जुड़े मामले में ऐश्वर्या राय बच्चन को समन किया गया है. उन्हें परिवर्तन निदेशालय पूछताछ के लिए बुलाया गया. जिसके बाद ऐश्वर्या राय आज सोमवार को दिल्ली दफ्तर में पूछताछ में शामिल होने पहुंची. इससे पहले भी उन्हें नोटिस जारी किया गया था लेकिन दो बार उन्होंने पेशी से छूट मांग ली थी. जानकारी के मुताबिक ईडी के अधिकारी ऐश्वर्या के लिए सवालों की लिस्ट पहले ही तैयार कर चुके हैं.

बता दें कि ऐश्वर्या राय बच्चन से पहले प्रवर्तन निदेशालय की ओर से उनके पति अभिषेक बच्चन से भी पूछताछ की थी. यही नहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जल्दी ही अमिताभ बच्चन से भी इस मामले में एजेंसी पूछताछ कर सकती है.

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टैक्स चोरी को लेकर हेराफेरी

दरअसल पनामा पेपर्स मामले में भारत के करीब 500 लोगों के शामिल होने का दावा किया गया था. इनमें नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, बिजनेसमैन हर वर्ग के प्रमुख लोगों के नाम हैं. इन लोगों पर टैक्स की हेराफेरी का आरोप है. जिसको लेकर टैक्स अथॉरिटी जांच में जुटी हैं.

500 लोगों का नाम शामिल

पनामा पेपर्स कांड तीन अप्रैल, 2016 को शुरू हुआ जब कंपनी की डिजिटल आर्काईव्स से करीब 1.15 करोड़ फाइलें लीक हो गईं. इसमें दुनियाभर के बड़े नेताओं, कारोबारियों और बड़ी हस्तियों के नाम सामने आए थे. भारत में 500 लोगों के नाम सामने आए थे. जिसमें बच्चन परिवार का नाम भी शामिल है. देश के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और सुप्रीम कोर्ट के वकील हरीश साल्वे, भगोड़े कारोबारी विजय माल्या, मोस्ट वान्टेड क्रिमिनिल इकबाल मिर्ची का नाम भी इसमें शामिल था.

मामले की जांच के लिए बनाई गई थी अलग टीम

मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था. फिर केंद्र सरकार ने इस मामले में मल्टी एजेंसी ग्रुप (एमएजी) का गठन किया था. इनमें सीबीडीटी, आरबीआई, ईडी और FIU को शामिल किया गया था. एमएजी सभी नामों की जांच करके रिपोर्ट काले धन के जांच के लिए बनी एसआईटी और केंद्र सरकार को दे रही थी.

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