सिख विरोधी टिप्पणी पर बढ़ी कंगना रनौत की मुश्किलें, SGPC ने की तत्काल गिरफ्तारी की मांग

Pallawi Kumari, Last updated: Tue, 23rd Nov 2021, 11:42 AM IST
  • एक्ट्रेस कंगना रनौत एक बार फिर से अपने बयानों को लेकर चर्चा में है. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने तत्काल कंगना की गिरफ्तारी की मांग की है. कंगना पर सिख विरोधी टिप्पणी करने का आरोप है.
सिख विरोधी टिप्पणी पर कंगना रनौत की तुरंत गिरफ्तारी की मांग

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत अपनी फिल्मों और काम से ज्यादा अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बनी रहती है. हाल ही में कंगना द्वारा 1947 में मिली आजादी को भीख बताने वाले बयान को लेकर उनके खिलाफ जौनपुर में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया. इस मामले के बाद अब एक नए बयान के बाद कंगना की मुश्किलें बढ़ गई है. अब कंगना पर सिख विरोधी टिप्पणी करने का आरोप है, जिसे लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने कंगना की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है.

सिख विरोधी टिप्पणी पर एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने कंगना की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है और साथ ही उन्होंने कहा कि कंगना पर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए. एसजीपीसी अध्यक्ष  ने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की एक टीम कंगना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए मुंबई में है और एसजीपीसी उसके साथ पूरी तरह से खड़ी है.

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एसजीपीसी अध्यक्ष ने कंगना की टिप्पणी पर कड़ी निंदा की है और कहा कि वह जानबूझकर समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट कर रही है. लेकिन उन्हें नहीं मालूम कि इसके परिणाम कितने गंभीर हो सकते है. उन्होंने तीन कृषि कानूनों के वापस लिए जाने की निंदा करते हुए सिखों को 'आतंकवादी' बताया और 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कामों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि कंगना को देश की आजादी के लिए किए गए बलिदानों में सिख इतिहास के बारे में पढ़ने की जरूरत है.

बता दें कि कंगना ने हाल ही में टाइम्स नाउ समिट में कहा था कि 1947 में जो आजादी मिली थी वो भीख थी, असली आजादी तो 2014 में मिली. कंगना के इस बयान पर काफी विरोध हुआ.

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