नारियों के खिलाफ दिए गए अपने बयान पर मुकेश खन्ना ने ट्रोल होने के बाद दी सफाई

Smart News Team, Last updated: 01/11/2020 12:25 PM IST
  • एक्टर मुकेश खन्ना इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं. वो हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखते हुए नजर आ रहे हैं. फिर चाहे वो सुशांत सिंह राजपूत का केस हो, या फिर महिलाओं की सुरक्षा की बात. हाल ही में महिलाओं के खिलाफ एक बयान देकर मुकेश खन्ना विवादों में फंस गए थे.
विवादों में फंसे मुकेश खन्ना

महिलाओं पर विवादित बयान देकर मुसीबतों में फंसे एक्टर मुकेश खन्ना अब इस मुद्दे पर सफाई देते हुए नजर आ रहे हैं. ऐसे में सोशल मीडिया पर उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है. मुकेश खन्ना अपने उस वीडियो में कहते हुए नजर आ रहे हैं कि गलत तरीके से उनकी बात को पेश किया जा रहा है. महिलाओं के काम के खिलाफ वो कभी से नहीं है, बल्कि उनकी चिंता महिलाओं की सुरक्षा को लेकर है. अपने वीडियो को शेयर करते हुए मुकेश खन्ना ने लिखा है कि सचमुच मुझे हैरानी हो रही है, क्योंकि बहुत ही गलत तरीके से मेरे स्टेटमेंट को पेश किया जा रहा है. 

औरतों के खिलाफ बताया जा रहा है मुझे. नारियों की जितनी मैं इज्जत करता हूं, कोई शायद ही उतनी करता होगा. लक्ष्मी बॉम्ब के नाम का इसलिए मैंने विरोध किया. नारियों की सुरक्षा को लेकर बहुत ही ज्याता चिंतित हूं. मैं हर रेप कांड के खिलाफ में बोलता हूं. कुछ लोगों ने मैरे एक इंटरव्यू की क्लिपिंग को लेकर शोच मचाते हुए नजर आ रहे हैं. औरतों को काम नहीं करना चाहिए ऐसा कभी नहीं कहा मैंने. 

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मुझे सचमुच हैरानी हो रही है कि मेरे एक स्टेट्मेंट को बहुत ही ग़लत तरीक़े से लिया जा रहा है। मुझे औरतों के ख़िलाफ़ बताया जा रहा है। जितनी इज़्ज़त मैं नारियों की करता हूँ शायद ही कोई करता होगा। इसीलिए मैंने LAXMI BOMB नाम का विरोध किया। मैं नारियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूँ। हर रेप कांड के ख़िलाफ़ मैं बोला हूँ।मेरे एक इंटर्व्यू की क्लिपिंग को लेकर कुछ लोगों ने शोर मचा दिया है। मैंने कभी नहीं कहा कि औरतों को काम नहीं करना चाहिए। मैं सिर्फ़ ये बताने जा रहा था कि Me Too की शुरुआत कैसे होती है। हमारे देश में औरतों ने हर फ़ील्ड में अपनी जगह बनाई है। फिर चाहे वो डिफ़ेन्स मिनिस्टर हो, फ़ाइनैन्स मिनिस्टर हो , विदेश मंत्री हो या स्पेस में हो हर जगह नारी ने अपना परचम लहराया है। तो मैं नारी के काम करने के ख़िलाफ़ कैसे हो सकता हूँ। उस विडीओ इंटर्व्यू में मैं सिर्फ़ नारी के बाहर जाकर काम करने से क्या दिक़्क़तें आ सकती हैं उस पर रोशनी डाल रहा था। जैसे घर के बच्चे अकेले पड़ जातें हैं। मैं पुरुष और नारी धर्म की बात कर रहा था जो हज़ारों सालों से चला आ रहा है। मैंने ये नहीं कहा कि नारी बाहर जाती है तो Me Too होता है। मैंने एक साल पहले इसी टॉपिक पर एक विडीओ बनाई थी जो मैं आप लोगों को दिखाना चाहता हूँ कि तब भी मैंने यही कहा था कि नारियों को अपने काम काने की जगह पर अपनी सुरक्षा कैसे करनी चाहिये। मैंने तब भी नहीं कहा कि नारियाँ काम पर ना जाएँ। तो आज कैसे कह सकता हूँ। मैं अपने सभी दोस्तों से यही कहना चाहता हूँ कि मेरे स्टेट्मेंट को ग़लत तरीक़े से मत पेश करें। मेरा पिछला चालीस साल, मेरा फ़िल्मी सफ़र इस बात की पुष्टि करता है मैंने हमेशा नारियों की इज़्ज़त की है। इस बात को हर कलाकार या हर फ़िल्म यूनिट का मेम्बर जानता है कि मैंने हमेशा सबकी इज़्ज़त की है।अगर कोई भी नारी मेरे इस स्टेट्मेंट से आहत हुई हो तो मुझे अफ़सोस है कि मैं अपनी बात सही ढंग से नहीं रख पाया। मुझे इस बात की चिंता नहीं कि नारी समाज मेरे ख़िलाफ़ हो जाएगा। उन्हें होना भी नहीं चाहिए।मेरी ज़िंदगी खुली किताब है। सब जानते हैं कि मैंने कैसे ज़िंदगी जी है और कैसे जी रहा हूँ। मैं अपना वही इंटर्व्यू आपको पूरा दिखाना चाहता हूँ जिसमें से ये क्लिपिंग ली गई है। आपको पता चलेगा मैं नारियों के प्रति क्या विचार रखता हूँ।

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मीटू की शुरूआत कैसे होती है मैं सिर्फ ये बताने की कोशिश कर रहा था. औरतों ने हमारे देश में हर फील्ड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. मैं सिर्फ ये कहना चाह रहा था कि बाहर जाकर नारी के काम करने से क्या दिक्कतें पैदा हो सकती हैं. बच्चे जैसे घर में अकेले हो जाते हैं. जो हारों सालों से चला आ रहा है पुरुष धर्म और नारी धर्म मैं उसकी बात कर रहा था.

 

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