गोरखनाथ मंदिर में CM योगी बोले- अब UP के लोगों को राम का प्रतिनिध समझा जाता है

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Fri, 24th Sep 2021, 11:01 PM IST
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौर पर शुक्रवार को गोरखपुर पहुंचे. सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में दो पूर्व महंतों को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि आज यूपी के लोग जब अन्य प्रदेशों में रुख करते हैं तो वहां के लोग उन्हें भगवान राम, कृष्ण और संतों का प्रतिनिधि समझते हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं और महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि समारोह में पहुंचकर  श्रद्धांज‍ल‍ि दी  इस मौके पर, अन्य प्रदेशों में बदल रही राज्य की छवि को देखते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले लोग यूपी का नाम सुनकर किसी को कमरा नहीं देते थे. पर आज लोग यूपी का नाम सुनकर खुशी-खुशी तैयार हो जाते हैं क्योंकि उनको लगता है कि यूपी से आनेवाला अतिथि राम, कृष्ण और संतों का प्रतिनिधि है. सीएम योगी ने इसी के साथ कहा कि सब कुछ सरकार के भरोसे नहीं होता, लोगों को भी आगे आना चाहिए. जितनी यूपी की आबादी है उससे कहीं ज्यादा लोग प्रयागराज (इलाहाबाद का परिवर्तित नाम) कुंभ में आए थे.  

पीठाधीश्वर गुरु अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि समारोह में गोरखनाथ मन्दिर के वर्तमान महंत श्री बाबा योगी आदित्यनाथ ने कहा क‍ि श्राद्ध पक्ष में ही गोरखपुर मंदिर के दोनों पूर्व महंतों ने अपना शरीर छोड़ा था.  50 साल पहले जिस किसी ने इस पीठ को देखा होगा उसे आज परिवर्तन दिखाई दे रहा होगा. साल 1932 में इस पीठ में महाराणा शिक्षा परिषद की स्थापना हुई. उसके बाद से लगातार यहां अलग-अलग विषयों के लिए विद्यालय की स्थापना हुई है.

गोरखपुर में महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर CM योगी ने किया श्रद्धांजलि सप्ताह का शुभारंभ

पीठाधीश्वर गुरु दिग्विजयनाथ की 52वीं पुण्यतिथि समारोह में सीएम योगी ने कहा क‍ि साल 1949 में भगवान रामलला का प्रकटीकरण अयोध्या में हुआ था और इसमें मौजूद लोगों को महंत दिग्विजय नाथ जी का संरक्षण प्राप्त था.  आगे उन्होंने कहा कि मैं जब अयोध्या जाता हूँ तो पता नही चलता है कि मैं गोरखपुर में हूं या अयोध्या में. वहां पर सब अपने लगते हैं.

प्राचीन आयुर्वेद और योग परम्परा के साथ तुलसी की कि तारिफ

प्राचीन समय से इस्तेमाल की जा रही आयुर्वेद और योग परम्परा के योगदान का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग हजारों वर्षों की विरासत है. इस कोरोना महामारी के दौर में लोगों ने चिकित्सकीय उपचार के लिए आयुर्वेद परम्परा से बनें काढ़ा और कवच का खूब इस्तेमाल किया है. कोरोना काल में बचाव, उपचार और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिका समेत कई विकसित देशों ने भी तुलसी का खूब इस्तेमाल किया है.

केन्द्र सरकार और पीठ के योगदान को भी श्रद्धांज‍ल‍ि सभा में दोहराया

केन्द्र सरकार की तारिफ करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर से अनुच्‍छेद 370 को हटाया क्योंकि यह देश के लिए कांटा बन चुका था. आज दुनिया के अन्य देशों में रहने वाला बौद्ध, सिख, हिंदू संकट के समय में भारत को याद करता है और भारत उन्हें पूरे सम्मान के साथ स्वीकार करता हैं. बिना नाम लिए पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में आतंकवादियों के मुकदमे वापस होते थे. उनका महिमामंडन होता था. पर आज ऐसा कोई नही कर पा रहा है. आगे उन्होंने कहा कि सरकार और लोगों के अच्छे प्रयासों को प्रोत्साहित और गलत प्रयास को हतोत्साहित किया जाना चाहिए. गोरखनाथ मंदिर के योगदान की सराहना करते हुए योगी ने कहा कि पीठ ने हमेशा भारत के हित की बात करने वालों का समर्थन किया है.

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