AIIMS गोरखपुर में 300 बेड का पहला ब्लॉक बनकर तैयार, PM मोदी करेंगे लोकार्पण

Indrajeet kumar, Last updated: Thu, 11th Nov 2021, 9:00 AM IST
  • गोरखपुर AIIMS में 300 बेड का पहला ब्लॉक बनकर तैयार हो गया है. जिसका लोकार्पण 15 दिसंबर तक पीएम मोदी कर सकते हैं. एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि एम्स में मरीजों को भर्ती कर इलाज करने की तैयारियां शुरू हो चुकी है. साथ ही नर्सों की भर्ती भी होगी.
AIIMS गोरखपुर में 300 बेड का पहला ब्लॉक बनकर तैयार

गोरखपुर. पूर्वांचलवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. AIIMS गोरखपुर में हॉस्पिटल का पहला ब्लॉक बनकर तैयार हो चुका है. इस ब्लॉक में 300 बेड होंगे. गोरखपुर में पहले से ही एम्स का निर्माण तेज गति से चल रहा है. इसका शिलान्यास पीएम मोदी ने किया था. अब इसका लोकार्पण भी प्रधानमंत्री मोदी करेंगे. इस अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर इलाज करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती भी शुरू हो गई है. भर्ती प्रक्रिया कि जिम्मेदारी एम्स दिल्ली को दिया गया है. फिलहाल एम्स प्रसाशन 400 नर्सों की भर्ती करेगा. इसके लिए वैकेंसी एम्स दिल्ली निकालेगी. 

एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि एम्स गोरखपुर में मरीजों को भर्ती करने की तैयारियां तेज हो गई है. एम्स में बनने वाले हॉस्पिटल के एक भाग के भवन का निर्माण पूरा हो चुका है. इस भाग में 300 बेड का हॉस्पिटल संचालित हो सकेगा. इसके लिए जरूरी कर्मचारियों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की जिम्मेदारी एम्स दिल्ली को दी गई है. एम्स दिल्ली ने 400 नर्सों की भर्ती की प्रक्रिया संचालित की है. जबकि 200 नर्सों की भर्ती पहले ही पूरी हो चुकी है. साथ ही एम्स दिल्ली सपोर्टिंग स्टाफ की भी तैनाती और भर्ती करेगा. भर्ती व चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन कर्मचारियों एम्स गोरखपुर को रिपोर्ट करनी होगी. एम्स दिल्ली नए चयन की पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई है. क्षहयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा. एम्स प्रशासन का मानना है कि इससे उच्च गुणवत्ता के कर्मचारी मिलेंगे. 

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गौरतलब है कि बीते 22 जुलाई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था. 24 फरवरी 2018 को पीएम मोदी ने एम्स की ओपीडी की शुरूआत की थी. पहले चरण में 11 विभागों की ओपीडी शुरू हुई थी. जिसको बढ़ाकर अब 15 कर दिया गया है. एम्स प्रशासन इसका धीरे-धीरे विस्तार कर रहा है. वर्ष 2019-20 में इस अस्पताल में एमबीबीएस के पहले बैच की एंट्री हुई थी. कोरोना महामारी के कारण करीब डेढ़ साल एम्स का निर्माण प्रभावित रहा है. वहीं अधिकारियों का मानना है कि छठ के बाद एक बार फिर निर्माण में तेजी आएगी औरअधूरे काम पूरे किए जाएंगे.

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