गोरखपुर में प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क को केंद्र सरकार की सैद्धांतिक सहमति, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

ABHINAV AZAD, Last updated: Fri, 12th Nov 2021, 9:59 AM IST
  • गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बनने वाली प्लास्टिक पार्क को राज्य सरकार की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार की विशेषज्ञ समिति से भी सैद्धांतिक सहमति मिल गई है. अंतरिम मंजूरी मिलने के बाद पार्क बनाने का काम शुरू हो जाएगा. इस प्लास्टिक पार्क के बन जाने के बाद करीब पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा.
GIDA क्षेत्र में प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क पर केंद्र सरकार की विशेषज्ञ समिति ने सैद्धांतिक सहमति जताई है.

गोरखपुर. GIDA यानि गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बनने वाली प्लास्टिक पार्क को राज्य सरकार की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार की विशेषज्ञ समिति ने भी सैद्धांतिक सहमति जताई है. गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से मंगलवार को डीपीआर का प्रेजेंटेशन दिया गया था. यह प्रेजेंटेशन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दिया गया था. केंद्र सरकार की विशेषज्ञ समिति की सैद्धांतिक सहमति के बाद प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क की स्थापना की राह थोड़ी और आसान हो गई है.

दरअसल, प्लास्टिक पार्क बन जाने के बाद तकरीबन पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा. जबकि वहीं सीपेट के लिए चिह्नित 1200 वर्ग मीटर जमीन पर कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की स्थापना की जाएगी. इस सेंटर में प्लास्टिक से बनी वस्तुओं के निर्माण के लिए आधुनिक प्लांट एवं मशीनरी लगाई जाएगी. टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन तथा रिसर्च की सुविधा भी दी जाएगी. गीडा सीईओ पवन अग्रवाल के मुताबिक, केंद्र सरकार की विशेषज्ञ समिति ने प्लास्टिक पार्क की डीपीआर पर सैद्धांतिक सहमति जताई है. उन्होंने बताया कि समिति जमीन देखने जल्द ही गोरखपुर आएगी. साथ ही उन्होंने बताया कि अंतरिम मंजूरी मिलने के बाद पार्क बनाने का काम शुरू हो जाएगा.

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बताते चलें कि प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क में केवल प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली औद्योगिक इकाइयां लगाई जाएगी. साथ ही विशेष क्षेत्र होने से बड़े पैमाने पर निवेश की भी उम्मीद है. एक अनुमान के मुताबिक, प्लास्टिक पार्क में भूमि विकास एवं अन्य आधारभूत संरचना पर करीब 81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार 40 करोड़ रूपए देगी, जबकि बाकी पैसों का बंदोबस्त गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण को खुद करना होगा.

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