MMMUT Gorakhpur में तकनीकी शिक्षा के साथ सिखें बिजनेस करने के तरीके, सेल गठित

Uttam Kumar, Last updated: Fri, 12th Nov 2021, 12:04 PM IST
  • MMMUT Gorakhpur ने कौशल और उद्यमिता विकास योजना को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में स्किल और इंटरप्रेन्योरशिप सेल का गठन किया गया है. शुरुआती तौर पर प्रशिक्षण के लिए जिन 10 स्टार्टअप का चयन किया गया है उनमें स्पेस टेक्नालाजी से लेकर से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे स्टार्टअप शामिल है.  
MMMUT Gorakhpur में तकनीकी शिक्षा के साथ स्टार्टअप शुरू करने के तरीके सिखाए जाएंगे. प्रतीकात्मक फोटो.

गोरखपुर. मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय MMMUT Gorakhpur ने प्रधानमंत्री के कौशल और उद्यमिता विकास योजना को बढ़ावा देने के लिए स्किल और इंटरप्रेन्योरशिप सेल का गठन कर लिया है. अब विश्वविद्यालय की तरफ से तकनीकी शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को कौशल और उद्यमिता भी सीखने को मिलेगा.  विश्वविद्यालय की और से गठन किए गए सेल द्वारा प्रशिक्षण के लिए शुरुआत में 10 स्टार्टअप का चयन किया गया है. हालांकि चल रहे सत्र के अंत तक इस संख्या को बढ़ाकर 30 तक किया जाएगा. विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से गठित सेल से कुल 50 स्टार्टअप जोड़ने की योजना बनाई गई है. ये सभी स्टार्टअप प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए वॉकल फॉर लोकल उद्देश्य के साथ काम करेगा

विश्वविद्यालय के कुलपति  प्रो. जेपी पांडेय, के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार की मंशा के मुताबिक विश्वविद्यालय अब तकनीकी शिक्षा के साथ साथ बच्चों को कौशल और उद्यमिता विकास भी सिखाएगा. इसे ध्यान में रखकर ही स्किल और इंटरप्रेन्योर सेल का गठन किया गया है. सेल को फिलहाल 10 स्टार्टअप से शुरू किया जा रहा है. इस योजना को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने इंटरप्रेन्योरशिप डेवलेपमेंट इंस्टीट्यूट आफ इंडिया से करार करने की योजना है. इंटरप्रेन्योरशिप डेवलेपमेंट इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के साथ इस योजना पर काम करने के लिए कुलाधिपति की मौजूदगी में करार की है योजना तैयार की जा रही है. कुलपति के तरफ से  राजभवन को पत्र लिखकर अनुमति मांगी गई है. 

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इंटरप्रेन्योरशिप डेवलेपमेंट इंस्टीट्यूट आफ इंडिया विद्यार्थियों को स्टार्टअप शुरू और चालने में मदद करने के साथ ही छात्रों को सफल उद्यमी बनने के समय - समय पर टिप्स भी देगी. स्टार्टअप शुरू करने वाले विद्यार्थियों को अपनी कार्ययोजना तैयार करने और उसे लागू करने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विश्वविद्यालय जरुआर्ट पड़ने पर सभी स्टार्टअप को अलग-अलग प्रशिक्षण भी करवाएगा. विश्वविद्यालय ने स्किल और इंटरप्रेन्योरशिप सेल के माध्यम से शुरुआती तौर पर जिन स्टार्टअप को शुरू करने करने में विद्यार्थियों की मदद की योजना बनाई है, उनमें स्पेस टेक्नालाजी से लेकर से एआइ (Artificial intelligence) तक के स्टार्टअप शामिल है.  

 

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