गोरखपुर में बाढ़ का कहर: बारिश के बाद राप्ती, सरयू समेत कई नदियां उफान पर, गोरखपुर-वाराणसी मार्ग ठप्प

ABHINAV AZAD, Last updated: Sat, 4th Sep 2021, 1:12 PM IST
  • राजधानी-सिलहटा बांध कट जाने से तकरीबन दर्जन भर से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं. जबकि यही हाल राप्ती-रोहिन, सरयू और आमी नदी का भी है. इन नदियों में उफान के बाद गोरखपुर-वाराणसी तथा बांसगांव-खजनी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है.
गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक लगातार बारिश के बाद गोरखपुर की कई नदियां उफान पर है.

गोरखपुर. गुरुवार रात से गोरखपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के बाद से बाढ़ की स्थित विकराल हो गई है. इस बारिश के बाद से कई नदियों के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हुई है. गोर्रा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद किनारे स्थित राजधानी-सिलहटा बांध कट जाने से तकरीबन दर्जन भर से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं. जबकि कमोबेश यही हाल राप्ती-रोहिन, सरयू और आमी नदी का भी है. इन नदियों में उफान के बाद गोरखपुर-वाराणसी तथा बांसगांव-खजनी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है.

मिली जानकारी के मुताबिक, चौरीचौरा-फरेन लाने का आमघाट बांध टूट गया है. इस वजह से कई गावों में पानी घुसने की खबर है. जबकि इसके अलावा तकरीबन सभी बंधों पर दबाव बढ़ गया है. बांधों में लगातार रिसाव से ग्रामीणों की जान हलकान में है. इस बीच राप्ती 1998 के उच्चतम जलस्तर से महज 22 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. जबकि सिद्धार्थनगर में यह रिकॉर्ड टूट चुका है. इसी तरह गोरखपुर-बस्ती मंडल के बाकी जिलों में नदियां या तो खतरे के निशान से ऊपर हैं या जलस्तर स्थिर है.

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बताते चलें कि गोरखपुर में राप्ती-रोहिन, गोर्रा और सरयू खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. दरअसल, जिले में बाढ़ की इस विभीषिका से तकरीबन पौने 300 गांव पर बुरा असर पड़ा है. मसलन, लोग अपना घर-बार छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक लगातार भारी बारिश हुई. इस वजह से बाढ़ की स्थित बद से बदतर हो गई है. बाढ़ के पानी के कारण गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर आवाजाही ठप्प है. जबकि बांसगांव-खजनी मार्ग पर भी यातायात रोक दिया गया है.

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