Chhath Puja 2021: छठ पर्व की हुई शुरुआत, नहाय-खाय के बाद कल शाम इस मुहूर्त पर करें खरना पूजा

Pallawi Kumari, Last updated: Mon, 8th Nov 2021, 10:19 AM IST
  • लोक आस्था का महापर्व आज सोमवार नहाय खाय के साथ शुरू हो गया है. नहाय खाय में आज कद्दू चनादाल की सब्जी और अरवा चावल का भात प्रसाद ग्रहण करने के बाद कल खरना पूजा की जाएगी. खरना के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा. जानिए कल खरना पूजा करने की विधि और शुभ मुहूर्त.
खरना पूजा विधि और मुहूर्त.

महापर्व छठ पूजा की शुरुआत 8 नवंबर सोमवार से हो चुकी है. चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व का पहला दिन नहाय खाय के साथ शुरू होता है. नहाय खाय के दिन से ही बाजारों से लेकर घर में छठ पूजा को लेकर रौनक देखने को मिलती है. गली मोहल्ले हे छठी मईया के गीत के साथ गूंजने लगे हैं. सूर्य देव और छठी की मईया की उपासना के साथ छठ पूजा के दौरान माहौल भक्तिमय हो गया है.  नहाय के लिए आज कद्दू चनादाल की सब्जी और अरवा चावल भात का प्रसाद बनाया जा रहा है.

छठ पूजा वैसे तो मुख्य तौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में धूमधाम के साथ मनाया जाता है. लेकिन अब छठ पूजा का प्रचलन देशभर में देखने को मिलता है. छठ पूजा में आज नहाय खाय के अगले दिन खरना पूजा की तैयारी शुरू हो जाएगी. खरना पूजा का छठ पर्व में खास महत्व होता है. खरना करने के बाद व्रती निरतंर 36 घंटे तक का निर्जला व्रत रखती है और व्रत के दौरान ही छठ पूजा की तैयारियों में लगी रहती है.

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खरना पूजा विधि- खरना नहाय खाय के अगले दिन किया जाता है. 9 नवंबर को खरना पूजा किया जाएगा. खऱना को लोहंडा भी कहा जाता है. इस दिन छठ व्रती सुबह स्नान करके नए कपड़े पहनती है और नाक से लेकर मांग तक पीले सिंदूर से मांग भरती है. खरना के दिन व्रती दिन भर व्रत रखती है और शाम को खरना प्रसाद खीर और फल आदि ग्रहण करती है. इसे ही खऱना कहा जाता है. कहा जाता है कि खरना पूजा के बाद ही घर पर छठी मईया का आगमन हो जाता है.

खरना पूजा मुहूर्त- शाम 5:45 से 6:25 बजे तक

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