Chhath Puja 2021: संध्या अर्घ्य के दिन सुने ये लोक गीत, छठी मईया के गानों के साथ पहुंचे छठ घाट

Pallawi Kumari, Last updated: Wed, 10th Nov 2021, 6:44 AM IST
  • महापर्व छठ पूजा में लोक गीतों का खास महत्व होता है. छठ पूजा से जु़डे कुछ ऐसे पॉपुलर गाने हैं जो सालों से इस मौके पर सुनें जाते हैं और काफी लोकप्रिय है. आज छठ पूजा के तीसरे दिन यानी संध्या अर्घ्य पर इन गानों के साथ पहुंचे छठ घाट.
छठ पूजा के गाने.

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा के तीसरे दिन आज 10 नवंबर को पहला अर्घ्य दिया जाएगा. संध्या अर्घ्य के दिन पूरे दिन व्रती समेत घर के सभी लोग पूजा की तैयारी में लगे होता है और सूर्यास्त होने से पहले घाट पहुंचकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. छठ पूजा में लोकगीतों का खास महत्व होता है. नहाय खाय के दिन से ही गली मोहल्ले में छठी मईया के गीत गूंजने लगते हैं. आज डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से पहले के इंतजार के दौरान घर से लेकर घाटों पर इन्हीं गीतों को गाते रहते हैं. हम आपको बता रहें छठ पूजा में संध्या अर्घ्य के कुछ लोकप्रिय गीत.

छठ पर्व के तीसरा दिन को संध्या अर्घ्य के नाम से जाना जाता है. इस दिन छठ का विशेष प्रसाद जैसे ठेकुआ, चावल के लड्डू या कचवनिया और फल आदि को बांस की बने सूप या दउरा में सजाकर नदी , तालाब या घाट तक ले जाया जाता है. घाट रक पूजा अर्चना करने के बाद शाम को एक सूप में नारियल,पांच प्रकार के फल और पूजा का अन्य सामान लेकर नदी में उतरकर परिक्रमा करते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.

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संघ्या अर्घ्य का महत्व- छठ में सूर्य देव के साथ उनकी पत्नी उषा और प्रत्यूषा की भी उपासना की जाती है.  प्रात:काल में सूर्य की प्रथम किरण ऊषा तथा सायंकाल में सूर्य की अंतिम किरण प्रत्यूषा को अर्घ्य देकर उनकी उपासना की जाती है.  कहा जाता है कि शाम के समय सूर्य की आराधना से जीवन में संपन्नता आती है.

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