ट्रेन के पार्सल वेन से 50 लाख का बाल चोरी, GRP ने नहीं दर्ज किए FIR, जानें मामला

Smart News Team, Last updated: Tue, 27th Jul 2021, 10:54 AM IST
  • इंदौर शहर में फेरी वाले सालभर की कड़ी मेहनत के बाद 21 बोरे में बाल जमा किए थे जिसकी कीमत 50 लाख रुपए बताई जा रही है. जिसको इंदौर से कोलकाता के हावड़ा ट्रेन से भेजा गया जब तय समय पर इन बालों को हावड़ा स्टेशन पर प्राप्त किया गया तो इसमें सिर्फ 3 बोरी ही बाल मिले बाकी के 18 बोरी बाल गायब थे.
ट्रेन के पार्सल वेन से 50 लाख का बाल चोरी, GRP ने नहीं दर्ज किए FIR, जानें मामला (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इंदौर: क्या आपने कभी सोचा है, की जो आप अपने टूटे हुए बाल बेचते हैं, उसका क्या होता है और उसकी क्या कीमत होती है. आपके बालों की कीमत कुछ चंद सौ या हजार में नहीं बल्कि लाखों और करोड़ों में होता है, कुछ ऐसे ही बाल खरीदारों के लाखों और करोड़ों के सपनों पर भारतीय रेल ने पानी फेर दिया है. मामला मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में फेरी लगाकर बाल खरीदने वाले 150 महाराष्ट्र के लोगों से जुड़ा है, ये फेरी वाले सालभर की कड़ी मेहनत के बाद 21 बोरे में बाल जमा किए थे जिसकी कीमत 50 लाख रुपए बताई जा रही है. जिसको इंदौर से कोलकाता के हावड़ा ट्रेन से भेजा गया जब तय समय पर इन बालों को हावड़ा स्टेशन पर प्राप्त किया गया तो इसमें सिर्फ 3 बोरी ही बाल मिले बाकी के 18 बोरी बाल गायब थे.

जोकि प्राप्तकर्ताओं को मिले ही नहीं इन 18 बोरी बालों के चोरी होने की आशंका जताई जा रही है. जिसकी रिपोर्ट करने के लिए महाराष्ट्र से आए सभी गरीब परिवार के लोग दर-दर भटक रहे हैं. लेकिन जीआरपी पुलिस उनकी एक नहीं सुन रही है. फरियादी सुनील ने बताया कि 6 जुलाई 2021 को इंदौर रेलवे स्टेशन से उन्होंने कोलकाता हावड़ा के लिए 21 बोरे बाल बुक कराए थे. जिसका बिल्टी नंबर 63498 था. लेकिन तय समय पर सिर्फ 3 बोरे माल ही हावड़ा पहुंचा जिसके बाद सुनील और उसके दोस्तों ने इंदौर जीआरपी पर FIR कराना चाहिए. लेकिन पुलिस वालों ने एफआईआर दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया उनका कहना था कि बिल्टी में नकली बालों का जिक्र किया हुआ है और कीमतें भी कम लिखी गई है.

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इंदौर जीआरपी थाना प्रभारी हरीश का कहना था कि मामला संज्ञान में आया है और हमने कोलकाता हावड़ा पार्सल विभाग को संपर्क किया है. और जांच शुरू हुई है क्योंकि पार्सल विभाग द्वारा ही बोरे भेजे गए थे हावड़ा से यदि हमें सूचना मिल जाती है कि बोरे हावड़ा में प्राप्त नहीं हुए तो हम उस पर मामला दर्ज करेंगे.

फरियादी सुनील का कहना था कि वह कई सालों से यह बाल हावड़ा भेजने का काम कर रहे हैं लेकिन पार्सल विभाग की सीधे तौर पर लापरवाही सामने दिखाई दे रही है. लेकिन गरीब व्यक्ति की सुनता ही कौन है इस कारण से जीआरपी विभाग उनकी मदद नहीं कर रहा है. यह 1 साल की पूरी कमाई है जिस पर पानी फिर चुका है. इस पूरे काम में 150 से अधिक व्यक्ति इंदौर सहित आसपास के इलाकों में बाल खरीदने का काम कर रहे हैं यह 21 बोरे में 1000 किलो जो बाल थे वह सभी डेढ़ सौ लोगों की 1 साल की मेहनत थी लेकिन एक ही बार में बाल चोरी होने से उनके ऊपर बहुत बड़ी मुश्किल आ गई है. गली-गली घूमने वाले सभी लोग नगद में रुपए देते हैं इस कारण से पूरी जमा पूंजी अब खत्म हो गई है. सुनील के साथ उसके अन्य दोस्त इंदौर के समीप सरवटे रेलवे स्टेशन की एक लॉज में रह रहे जिसका 100 रोज का किराया है अब तो हालत यह है कि खाने-पीने की भी दिक्कत है आ गई है.

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