इंदौर: ब्लैक फंगस के अब 124 मरीज आए सामने, प्रशासन ने रोकथाम के लिए बनाई समिति

Smart News Team, Last updated: Tue, 18th May 2021, 1:00 PM IST
इंदौर में अब तक ब्लैक फंगस से पीड़ित 124 मरीज आये सामने, बढ़ते फंगल इंफेक्शन को देखते हुए प्रशासन अब ऐसे मामलों को लेकर अध्ययन कर, आने वाले समय केस कम हो इसके लिए करेगा प्रयास। इंदौर संभाग आयुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कमेटी गठित की है .
प्रतिकात्मक तस्वीर 

इंदौर. एक तरफ जहां इंदौर कोरोना से जूझ रहा है वही दूसरी ओर अब ब्लैक फंगस की बेरहमी ने हर किसी को हैरत में डाल दिया है. ये ही कारण है अब सरकार और प्रशासन को कोविड के साथ ही पोस्ट कोविड बीमारी ब्लैक फंगस की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. इसी को लेकर इंदौर सरकार और प्रशासन एतियाहतन कई कदम उठा रहा है. कोरोना के उपचार के बाद म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के प्रकरण काफी संख्या में संभाग में चिन्हित हो रहे हैं.

 

 संभाग आयुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने म्यूकर माइकोसिस के प्रकरणों के अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित की है. यह समिति विस्तृत अध्ययन के पश्चात अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. डॉ. शर्मा ने बताया कि यह तथ्य सामने आ रहा है कि इस बीमारी के प्रकरण न सिर्फ अस्पताल से उपचारित किए मरीजों के हैं, इनमें से कुछ होम आइसोलेशन में से भी हैं. ऐसी स्थिति में यह आवश्यक हो गया है कि इन प्रकरणों की केस हिस्ट्री का विस्तृत एवं सूक्ष्म अध्ययन किया जाए. इसके मद्देनजर इनके अध्ययन हेतु विशेषज्ञों से परामर्श कर बिन्दु तय किए गए हैं. तय बिंदुओं के अनुसार कोविड पॉजिटिव और निगेटिव की स्थिति, होम आइसोलेशन, इंस्टीट्यूशनल ट्रीटमेंट,बीमारी की अवधि, स्टेरॉयड का प्रयोग एवं मात्रा, ली गई दवाईयां, गीले मास्क का उपयोग, यूज ऑफ ऑक्सीजन  इत्यादि शामिल है.

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  अब तक सामने आये ब्लैक फंगस के 124 मरीजों के पायलट अध्ययन के लिए यह कमेटी गठित की गई है। जिनमें प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष मेडिसिन अध्यक्ष डॉ. वीपी पांडे, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के डॉ. दीपक बंसल, प्राध्यापक-विभागाध्यक्ष ईएनटी सदस्य डॉ. यामिनी गुप्ता, प्राध्यापक नेत्र रोग विभाग सदस्य डॉ. श्वेता वालिया, प्राध्यापक डेंटल विभाग सदस्य डॉ. विलास नेवासकर तथा सहायक प्राध्यापक एमजीएम सदस्य डॉ. अमित थोरा सदस्य के रूप में रहेंगे। इनके सहयोग के लिए बाम्बे अस्पताल के डॉ. मनीष जैन, अरविंदो अस्पताल डॉ. रवि डोशी और चोइथराम अस्पताल के डॉ.सुनिल चांदीवाल शामिल किए गए हैं। ये चिकित्सक संबंधित सभी मरीजों के संबंध में विस्तृत रिकार्ड, कोरोना का इलाज एवं ब्लैक फंगस का इलाज मेल, व्हाट्सअप या अन्य माध्यमों से प्राप्त करेंगे. आवश्यकतानुसार होम आइसोलेशन के मरीजों से चर्चा करेंगे एवं विस्तृत रिकॉर्ड और जानकारी प्राप्त करेंगे. यह कमेटी उपचार में परिलक्षित हुई कमियों अथवा ऐसे सभी तथ्यों का उल्लेख अपनी रिपोर्ट में करेगी जिससे ब्लैक फंगस बीमारी को रोका जा सकता था या इसमें कमी की जा सकती थी. साथ ही भावी उपचार सुचारू रूप से हो सके. यह एक तकनीकी समिति है. यह अध्ययन के बिन्दु बढ़ाने या कम करने के संबंध में स्वयं निर्णय ले सकेगी. कमेटी 48 घंटे में अपनी स्टडी रिपोर्ट एवं अनुशंसा प्रस्तुत करेगी. इसी प्रकार कमेटी उपरोक्त मरीजों की संख्या में उपलब्धता के आधार पर कमी या बढ़ोतरी कर सकती है.

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