इंदौर की 312 में से 292 पंचायत कोरोना मुक्त, ग्रामीण इलाकों में मिल सकती है राहत

Smart News Team, Last updated: Mon, 31st May 2021, 10:49 PM IST
  • इंदौर जिले की 312 में से 292 पंचायत कोरोना मुक्त हो चुकी हैं .कोरोना जब अपने उफान पर था, उस वक्त इंदौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हाहाकार मच गया था और ये ही वजह थी कि कई गांवों को प्रशासन ने रेड जोन में तब्दील कर दिया था .लेकिन अब स्थिति में सुधार हो रहा है.
इंदौर के ग्रामीण इलाकों में घट रही है कोरोना की रफ़्तार .

इंदौर. मध्यप्रदेश के इंदोर जिले में कोरोना मरीजों की संख्या पिछले कई दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा आ रही थी. अब गांवों में राहत है और कुल 312 पंचायतों में से करीब 20 पंचायतें ही रेड जोन में है, वहीं 292 पंचायतें कोरोना मुक्त हो गए हैं . 

 

देपालपुर जनपद के तहत 172 गांवों में से एक गांव ही रेड जोन में है जबकि महू के 174 गांवों में से 7 गांव रेड जोन में शामिल है. इसी तरह सांवेर के 146 गांवों में से 6 गांव रेड जोन में बताए गए है. लगभग 450 गांव ग्रीन जोन में आ चुके है. गांवों में पिछले दिनों कोरोना मरीज तेजी से मिल रहे थे. यहां प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों की टीमों ने सतत निगरानी की और अब स्थिति काफी अच्छी है . इससे आने वाले दिनों में राहत मिलने के भी आसार है.

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जिले की 312 पंचायतों में से लगभग 20 पंचायतों में ही अब सक्रिय मरीज हैं. पिछले दिनों सांवेर क्षेत्र के अंतर्गत सबसे अधिक मरीज मिले थे. यहां मंत्री, कलेक्टर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सतत निरीक्षण किया और कोविड केयर सेंटर बनाकर कम संक्रमण वाले मरीजों को भर्ती किया. जिले में लगभग 450 गांव ग्रीन जोन में आ गए है. पूरे जिले में करीब 625 गांव है.


सीएमएचओ डॉ. बी. एस. सेतिया ने बताया कि इन दिनों जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 125 मरीज ही इलाजरत है. अगले 3 से 4 दिनों में अधिकांश मरीज स्वस्थ हो जाएंगे और अस्पतालों से छुट्टी कर दी जाएगी. एक से डेढ़ सप्ताह में अधिकांश गांव जो रेड जोन में है वह भी ग्रीन जोन में आ जाएंगे. प्रशासन लगातार यहां निगरानी कर रहा है. क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों से सतत संपर्क में हैं.


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इधर, जिले की महू तहसील में 174 गांव में से 146 गांव रेड जोन में है जबकि 21 गांव यलो जोन में है जहां संक्रमण कम है. इसी तरह देपालपुर के 172 गांव में से एक ही गांव रेड जोन में है. जबकि सांवेर के 146 गांव में से 21 गांव यलो झोन में है. 7 दिन पूर्व अधिकांश गांव में मरीजों की संख्या अधिक थी, लेकिन अब समय पर जांच, इलाज और कोरोना गाइडलाइन के पालन के चलते मरीजों की संख्या में कमी आई और लगातार मरीज स्वस्थ भी हुए हैं.

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