इंदौर में 35 फीसद लोग आदत से लाचार, कह रहे आ मौत मुझे मार

Smart News Team, Last updated: Sat, 26th Sep 2020, 6:46 PM IST
  • इंदौर. शहर में लगभग 35 फीसद लोग नियमित रूप से मास्क लगाने को लेकर गंभीर नहीं हैं. जब अधिक दूरी तक या बाजार जाते हैं, तभी मास्क लगाया जा रहा है. कोरोना के बढ़ने की सम्भावना बढ़ गई है.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

इंदौर। शहर में लगभग 35 फीसद लोग नियमित रूप से मास्क लगाने को लेकर गंभीर नहीं हैं. जब अधिक दूरी तक या बाजार जाते हैं तभी मास्क लगाया जा रहा है. ये लोग आसपास मास्क का प्रयोग नहीं करते. ऐसी लापरवाही से इनके पॉजिटिव आने की संभावना बढ़ जाती है.

यह जानकारी शहर में अलग-अलग हिस्सों में पहुंच रही कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम को मिली है. किसी क्षेत्र से पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाती है. ऐसे में जब उनसे संपर्क किया जाता है तो कई लोग बगैर मास्क के ही बाहर भी आ जाते हैं. टीम की समझाइश पर उनके अलग ही तर्क होते हैं.

कई लोग तो घर में रहने के कारण मास्क क्यों लगाएं, ऐसे भी तर्क दे रहे हैं. टीम के सदस्य उन्हें यह समझाते हैं कि अगर आपके घर में या पड़ोस में पॉजिटिव मिला है तो मास्क लगाना बेहद जरूरी हो जाता है भले ही आप घर में ही हो

मास्क लगाने को लेकर गंभीरता नहीं

कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए संपर्क करने पर लोग बगैर मास्क के मिलते हैं. ऐसे में हमारी टीम उन्हें यह संदेश देती है कि आपको मास्क लगाना जरूरी है. यह बात सही है शहर में मास्क नहीं लगाने के कारण भी लोग पॉजिटिव आ रहे हैं.

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मास्क नहीं लगाना भी है एक कारण

शहर में अब संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इसका एक कारण मास्क नहीं लगाना भी सामने आ रहा है. अगर कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उससे संक्रमित होने की संभावना होती है.

 

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