इंदौर में सूदखोरों ने ले ली ऑटो रिक्शा चालक की जान, फांसी लगाकर की

Smart News Team, Last updated: 04/10/2020 09:10 PM IST
  • ढाई साल तक सूदखोरों ने 4500 रुपए वसूले इसके बाद लॉकडाउन में 10000 प्रतिमाह लेने लगे सूदखोर, सूदखोरों ने डिमांड बढ़ाकर 12000 प्रतिमाह कर दिया. ऑटो चालक ने तंग आकर ठेकेदार पर आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट छोड़ कर आत्महत्या कर ली.
प्रतीकात्मक तस्वीर

इंदौर। इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र के पिपल्याहाना कांकड़ स्थित 45 वर्षीय नरसिंह देवड़ा ने शनिवार दोपहर को सूदखोरों से तंग आकर आत्महत्या कर ली. सूदखोरों द्वारा लगातार लॉकडाउन में भी करके पैसे वसूले जा रहे थे लगातार डिमांड बढ़ाए जाने के चलते ऑटो रिक्शा चालक तंग आ चुका था जिसके बाद उसने सुसाइड नोट लिखकर उसमें सूदखोरों के ऊपर आरोप लगाते हुए फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इस दौरान पुलिस को मृतक द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट बरामद हुआ. इसके बाद पुलिस ने घटना की छानबीन शुरू कर दी है पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है.

इंदौर में ठेकेदार से परेशान ऑटो रिक्शा चालक ने फांसी लगा ली. उसके परिजन ने ठेकेदार पर आरोप लगाए हैं. रिक्शा चालक ने खुदकुशी से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, इसमें ठेकेदार को दोषी बताया. ठेकेदार 12 हजार महीने देने की मांग करने लगा, नहीं दे पाए तो टोटल 3.5 लाख रुपए मांगने लगा. ऑटो रिक्शा खरीदने के लिए एक ठेकेदार ने डेढ़ लाख रुपए का कर्ज दिया और बदले में हर महीने 10 हजार रुपए मांग रहा था.

जब परिवार रुपए देने को राजी हुआ तो ठेकेदार ने डिमांड बढ़ाकर 12 हजार कर दी. फिर कर्जदार ऑटो रिक्शा चालक को इतना धमकाया कि उसने शनिवार दोपहर फांसी लगाकर जान दे दी.

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खुदकुशी से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें ठेकेदार को दोषी बताया है.

तिलक नगर पुलिस के अनुसार पीपल्याहाना कांकड़ 45 वर्षीय निवासी नरसिंह देवड़ा ने शनिवार दोपहर फांसी लगाकर जान दे दी. उसने सुसाइड नोट में ठेकेदार गोपाल के द्वारा प्रताड़ना का जिक्र किया.

परिजन का कहना है कि कुछ समय पहले ठेकेदार गोपाल से नरसिंह ने ऑटो खरीदने और बेटे की शादी के लिए 1.5 लाख का कर्ज लिया था. उसका ब्याज हर महीने 4500 रुपए चुकाया जाता था. लॉकडाउन में काम बंद होने से नरसिंह ब्याज नहीं चुका पाया तो गोपाल ने घर आकर धमकाया. उसने कहा कि अब अगर पैसा नहीं चुकाया तो जान ले लूंगा. मुझे पहचानते नहीं हो. परिवार का आरोप है कि गोपाल ने इतना प्रताड़ित कर दिया था कि नरसिंह डर चुका था. वह कुछ भी नहीं बोलता था.डर के कारण बाहर भी नहीं निकल रहा था. आखिर उसने दोपहर में मौका देखकर फांसी लगा ली.

हर महीने मांगने लगा 12 हजार रुपए

नरसिंह ने सुसाइड नोट में लिखा कि गोपाल से 1.5 लाख रुपए लिए. इसके बदले में वह 3 प्रतिशत की दर से 4500 रुपए महीने ब्याज वसूलता था.

ढाई साल से लगातार ब्याज दिया जा रहा है. लॉकडाउन में ब्याज देना बंद हुआ तो वह धमकाने लगा.

सूदखोर ने कहा - जान से खत्म कर दूंगा और गाड़ी भी छीन लूंगा

सूदखोर द्वारा बार-बार ऑटो रिक्शा चालक को धमकाया जा रहा था. सुसाइड नोट में मृतक ने लिखा कि सूदखोर ने कई बार धमकाते हुए कहा कि जान से मार कर फेंक दूंगा और गाड़ी भी छीन लूंगा. आखिर में एक व्यक्ति ने समझौता कराया तो गोपाल ने 10 हजार रुपए महीने की मांग की.

 

हमने मना किया तो फिर धमकाया. आखिर में हमने हां कर दी तो बोला अब 12 हजार रुपए महीने लगेंगे, क्योंकि दो हजार रुपए पेनाल्टी रहेगी.

बाद में उसने इससे भी इंकार किया और बोला- अब मुझे डेढ़ लाख के बदले पूरे साढ़े तीन लाख रुपए चाहिए. इससे मैं डर गया हूं.

 

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