इंदौर में असफल होगा किसानों का भारत बंद आह्वान, जानिए क्यों?

Smart News Team, Last updated: 07/12/2020 06:21 PM IST
  • अमूमन राजनीतिक उठापटक के बीच कोई भी पार्टी भारत बंद का ऐलान कर देती है, पर सफल वो तभी होता है, जब स्थानीय सरकार की पार्टी ने ही भारत बंद का ऐलान किया हो. चूंकि केंद्र व प्रदेश में बीजेपी की सरकार है, ऐसे में यह देशव्यापी बंद मालवा खासकर इंदौर में असफल रहने की संभावना है.
फाइल फोटो

इंदौर. इंदौर खासकर मालवा में भारत बंद का असर इस बात पर निर्भर करता है कि किस पार्टी ने भारत बंद के लिए आह्वान किया है. अमूमन राजनीतिक उठापटक के बीच कोई भी पार्टी भारत बंद का ऐलान कर देती है, पर सफल वो तभी होता है, जब स्थानीय सरकार की पार्टी ने ही भारत बंद का ऐलान किया हो. इस बार देशभर में किसानों द्वारा केंद्र सरकार की ओर से लाए गए नए बिल के विरोध में 8 दिसंबर, मंगलवार को भारत बंद का ऐलान किया गया है, जिसका कांग्रेस पार्टी समर्थन कर रही है. 

यह आंदोलन कांग्रेस द्वारा समर्थित है एवं केंद्र व प्रदेश में शासित बीजेपी सरकार के खिलाफ है. तो अब इसमें कोई भी दो राय नहीं हैं कि यह देश बंद मालवा खासकर इंदौर में असफल ही होगा. हालांकि मालवा खासकर इंदौर से कई सारे किसान देशव्यापी किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए दिल्ली की तरफ कूच भी किए थे, लेकिन यहां के व्यापारी एवं व्यवसायी इस बंद को पूरा समर्थन न देते हुए दुकान का आधा शटर बंद तो रखेंगे लेकिन जैसे ही बंद करवाने वाले हुड़दंगी नजदीक आएंगे तुरंत पूरा शटर गिरा देंगे. 

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गौरतलब है कि किसान संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर 8 दिसंबर 2020 को देशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है. कांग्रेस पार्टी ने इस बंद का समर्थन किया है. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने किसानों द्वारा किए जा रहे भारत बंद के समर्थन के लिए देश के नागरिकों से अपील कर प्रार्थना की है कि वे इसका पूर्ण समर्थन करें.

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