इंदौर के हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट मामले में CBI करेगी जांच, होगी सख्त कार्यवाही

Smart News Team, Last updated: 01/10/2020 12:03 PM IST
 बांग्लादेश से भारतीय सीमा में लड़कियां भेजने वाले दलालों के नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाते और ई-वॉलेट बने अहम सबूत. गिरफ्तारी के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और इंटरपोल को किया शामिल
प्रात्कात्मक तस्वीर

इंदौर। बांग्लादेश से भारतीय सीमा में अवैध तरीके से लड़कियों को प्रवेश करवाने वाले दलालों के खिलाफ पुलिस को अहम्‌ सबूत हाथ लगे है. महिला एजेंट मीना, नोदी, नरुद्दीन और दीपक मंडल के मोबाइल में कईं युवक और युवतियों के मोबाइल नंबर. बैंक खाते और ई-वॉलेट मिलें है. वहीं अब पुलिस इनको भी आरोपी बनाने की तैयारी में है. जिनकी गिरफ्तारी के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और इंटरपोल को शामिल किया जाएगा.

दरसअल विजय नगर व एमआइजी थाना पुलिस अभी तक 19 लड़कियों को मुक्त करवा चुकी है. जिसमें 11 बांग्लादेशी व आठ पश्चिम बंगाल की लड़कियां शामिल है. सभी को 25 से 75 हजार रुपये में खरीदा गया था. पूछताछ में यह भी सामने आया कि ढाका (बांग्लादेश) में सक्रिय बाबू भाई, नासिरा, शबाना और जीया जैसे दलाल पिछले कईं सालों से गरीब तबके की लड़कियों को भारत में देह व्यापार के लिए बेच रहे है.

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लड़कियों को अवैध तरीके से सीमा पार करवाई जाती है. उन्हें कई दिनों तक पैदल मार्ग से लाया जाता है. बाद में सुरक्षाकर्मियों से बचाते हुए गंदे नाले और धान के खेतों से भारत भेज देते है. पहले मुंबई के वसई व कमाठीपुरा जैसे इलाकों में उनकी ट्रेनिंग होती है. बाद में लड़कियों को विभिन्ना शहरों के दलाल खरीद लेते है. आइजी योगेश देशमुख के मुताबिक पुलिस को दलालों के खिलाफ काफी साक्ष्य मिले हैं. केंद्रीय एजेंसी (आइबी) को भी शामिल कर लिया गया है. बांग्लादेश के दलालों के लिए सीबीआइ व इंटरपोल की मदद ली जाएगी.सारे सबूतों के साथ रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

 

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