केंद्र के प्रधान आर्थिक सलाहकार बोले- 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने में लगेगा समय

Smart News Team, Last updated: Thu, 1st Jul 2021, 7:57 PM IST
  • केंद्र के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल का मानना है कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण महंगाई पर नियंत्रण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही यह भी संकेत दिया कि अर्थव्यवस्था में सुधार हेतु सरकार के कड़े फैसले जारी रहेंगे.
केंद्र के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल का मानना है कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण महंगाई पर नियंत्रण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

सेन्टर प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर संजीव सान्याल ने देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में बातचीत के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी के लक्ष्य भारत की अर्थव्वस्था को 5 ट्रिलियन पहुंचाने की बात पर अपना बयान दिया. एडवाइजर संजीव सान्याल के दिए इस बयान की चर्चा प्रदेश में हो रही है. केंद्र के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल बोले कोरोना ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव डाला है. इस कारण से भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने में एक साल और इंतजार करना पड़ेगा. 

केंद्र सरकार के प्रधान आर्थिक सलाहकार ने यह भी कहा कि लक्ष्य की तरफ बढ़ने के लिए देश तेजी से अग्रसर है. क्योंकि कोरोना के दूसरे लहर के चलते लगे लॉकडाउन में थोड़ी ढ़ील दी गयी है. जिस प्रकार रिकवरी हो रही है, इसको देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शीघ्र ही जीडीपी दोहरे अंक में पहुंच जाएगा.

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प्रधान सलाहकार संजीव सान्याल का मानना है कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण महंगाई पर नियंत्रण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही यह भी संकेत दिया कि अर्थव्यवस्था में सुधार हेतु सरकार के कड़े फैसले जारी रहेंगे. यह कहा जा सकता है कि महंगाई से फिलहाल ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है और जब अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार में बढ़ेगी तभी कच्चे तेल से लेकर अन्य मुद्दों पर कोई लिया जा सकेगा. 

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सलाहकार सान्याल ने बताया कि कोविड-19 के दौरान देश में डायरेक्ट टैक्स बढ़ा है. अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से इसे अच्छा संकेत माना जा रहा है. डीजल पेट्रोल के बढ़ते दामों पर प्रधान सलाहकार सान्याल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की कोई चर्चा नहीं है. वहीं दूसरी तरफ वेबसाइट पर रिटर्न भरने सहित कई तकनीकी परेशानियां सामने आई हैं, लेकिन इन्फोसिस से चर्चा के बाद उक्त समस्या का समाधान निकलने की बात कही जा रही है, जिसके बाद व्यापारियों ने जीएसटी लेना शुरू कर दिया है.

 

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