सरकारी बाबू बनने के लिए ग्रेजुएशन होगा जरूरी, जल्द फैसला करेगी शिवराज सरकार

Smart News Team, Last updated: Sat, 23rd Jan 2021, 8:58 PM IST
  • मध्य प्रदेश में सरकारी बाबू बनने के लिए जरूरी दक्षता स्नातक की जा सकती है. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. समिति जल्द ही सरकार को ये रिपोर्ट सौंपेगी. जिसके बाद सरकार पर इस पर फैसला करेगी.
सरकारी नौकरी के नियमों में बदलाव के लिए शिवराज सरकार ने एक कमेटी का गठन किया था. प्रतीकात्मक तस्वीर

इंदौर. मध्य प्रदेश में सरकारी बाबू बनने के ग्रेजुएट योग्यता अनिवार्य की जा सकती है. दरअसल, एमपी में सरकारी नौकरी के नियमों में बदलाव के लिए गठिन समिति ने अपनी रिपोर्ट बनाई है. जल्द ही इसको सरकार को सौंपा जाएगा. जिसके बाद इस रिपोर्ट को कैबिनेट में रखा जाएगा और इस पर अंतिम फैसला किया जाएगा.

इस रिपोर्ट में ये सुझाव दिया गयाह है कि लिपिकीय संवर्ग में होने वाली भर्ती में योग्यता हायर सेंकडरी की जगह स्नातक की जाए. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा इसलिए क्योंकि इस संवर्ग की 90 फीसदी से ज्यादा भर्तियों में जो कर्मचारी आ रहे हैं वे ग्रेजुएट हैं.

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दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में ई-फाइलिंग सिस्ट लागू कर रही है. इसके लिए सरकार को ग्रेजुएट और कंप्यूटर में दक्ष कर्मचारियों की जरूरत है. इसके लिए शिवराज सिंह चौहान सरकार ने प्रदेश की सरकारी भर्तियों के 45 साल पुराने 1976 के सेवा भर्ती नियमों में बदलाव और कैडर रीस्ट्रक्चरिंग के लिए अपर मुख्य सचिव एनवीडीए आईसीपी केशरी की अध्यक्षता में एक समिति की गठित की थी.

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मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा गठित की गई इस समिति में सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी और एक अन्य सचिव रूही खान भी इसकी सदस्य हैं. समिति ने कर्मचारियों से मिले सुझाव के बाद प्रारंभिक रिपोर्ट को तैयार कर लिया है. रिपोर्ट को पूरी तरह से तैयार करने के बाद सरकार को सौंपी जाएगी. जिसे सामान्य प्रशासन विभाग कैबिनेट में रखेगा. इसके बाद इन्हें गजट नोटिफिकेशन जारी कर लागू किया जाएगा. अगले महीले इस पर फैसला होने की संभावना जताई जा रही है.

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