धर्म परिवर्तन पर CM ऑफिस सख्त इस भावना से शादी करते हैं तो विवाह नहीं माना जाएगा

Smart News Team, Last updated: 06/12/2020 12:01 AM IST
शिवराज सरकार के ऑफिस ने सख्त आदेश दिेए और कहा कि धर्म परिवर्तन की भावना से विवाह किया जाता है तो शादी नहीं मानी जाएगी. इसके साथ ही कहा कि अगर इच्छानुसार ऐसा हो रहा है, तो उस धर्म से जुड़े नेता को डीएम को एक माह पूर्व बताना होगा.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान धर्म स्वतंत्र को लेकर उच्च स्तरीय बैठक लेते दिख रहे हैं. 

इंदौर: मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार के मुख्य सचिव कार्यालय ने आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य में अगर कोई भी धर्म परिवर्तन की भावना से शादी करता है तो वह विवाह नहीं माना जाएगा. इसके साथ ही बात को स्पष्ट करते हुए आगे कहा कि अगर कोई इच्छानुसार ऐसा करता है तो उस धर्म से जुड़े धार्मिक नेता को एक माह पूर्व ही जिलाधिकारी को इससे अवगत कराना होगा. यह कदम इसलिए भी उठाया गया है क्योंकि शिवराज सरकार इस वर्ष लव जिहाद कानून लेकर आने वाली है.

वहीं, शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खुद मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने धर्म स्वतंत्र को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की. इसमें आला अधिकारी मौजूद रहे. सीएम ने इस बैठक में कहा कि जो कानून बनाया जाएगा उसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी शादी करके और प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन आसानी से ना करा सके. उन्होंने पहले भी इस कानून को लेकर कहते आएं हैं कि इसमें कड़े प्रावधान किए जाएंगे, जिसके तहत आरोपी को कठोर सजा भुगतनी पड़ेगी.

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आपको बता दें कि इस वर्ष के अंतिम माह में शुरू होने जा रहे एमपी सरकार के शीतकालीन सत्र में इस कानून को लाया जाएगा. इसके लिए तमाम जन संगठनों से सरकार परामर्श ले रही है. वहीं, इस कानून एक ऐसा भी प्रावधना किया जाएगा जिससे नाबालिग से विवाह करने पर पॉक्सो के अंतर्गत सजा दी जाएगी. इसी कड़ी में पहले कानून में आरोपियों को पांच साल की सजा देने की बात कही जा रही थी, जिसे अब परिवर्तित कर 10 साल सजा का प्रावधान सरकार कर सकती है.

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