डीजीजीआई ने 674 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में 20 से अधिक ठिकानों पर मारे छापे

Smart News Team, Last updated: Sat, 6th Feb 2021, 2:48 PM IST
  • इंदौर में 674 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले को लेकर डायरेक्ट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस गोपनीय रूप से लगातार इंदौर के 20 से अधिक ठिकानों पर छापा मारकर कार्रवाई कर रही है. मामला जुलाई 2019 से जुड़ा हुआ है, जिसमें 674 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला सामने आया था.
जीएसटी घोटाले में 20 से अधिक ठिकानों पर मारे छापे (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इंदौर में 674 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले को लेकर डायरेक्ट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस गोपनीय रूप से लगातार इंदौर के 20 से अधिक ठिकानों पर छापा मारकर कार्रवाई कर रही है. इंदौर में इस घोटाले को लेकर भोपाल की टीम द्वारा छापा मारा जा रहा है. बताया जा रहा है कि मामले में कुछ सीए के साथ ही एक बड़ा हवाला कारोबारी और अन्य कारोबारी भी शामिल हैं.

बता दें कि जुलाई 2019 में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा दर्जनभर फर्जी फर्मों पर छापे मारे गए थे, जिसमें 674 करोड़ के घोटाले का मामला सामने आया था. इस मामले के लोकर डीजीजीआई की टीम छापेमारी में लगी हुई है और कई ठिकानों से उन्होंने बड़ी संख्या में दस्तावेज और कम्प्यूटर डेटा भी जब्त किए हैं. बताया जा रहा है कि जुलाई 2019 में इस मामले में वाणिज्यिक कर विभाग के छापों के बाद कर सलाहकार गोविंद अग्रवाल ने आत्महत्या कर ली थी.

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जीएसटी घोटाले की जांच में सामने आया था कि फरवरी से मार्च 2019 के दौरान कुछ फर्मों ने 379 करोड़ के फर्जी बिल जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट ले ली और फर्जी ट्रक नंबरों पर 295 करोड़ के माल परिवहन के ई-वे बिल भी जारी करा दिए. इसमें कर सलाहकार की फर्म के साथ सारू इंटरप्राइजेज, ट्रेडलिंक, बालाजी के नाम सामने आए थे. इसके साथ ही मामले में देवेंद्र शर्मा, दीपक सचदेवा और कर सलाहकार अग्रवाल के नाम भी सामने आए थे.

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