देश के 14 इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाई रीजनल भाषाओं में, MP का 1 कॉलेज शामिल

Smart News Team, Last updated: Sat, 17th Jul 2021, 4:05 PM IST
  • क्षेत्रीय भाषाओं को पढ़ाई में भी महत्व देने के लिए देश के 14 इंजीनियरिंग कॉलेजों में NEP के तहत 10 क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई होगी. इनमें एमपी के लिए एक कॉलेज को चुना गया है. जहां पर पढ़ाई हिंदी भाषा में कराई जाएगी. एमपी के अलावा राजस्थान के दो कॉलेज, उत्तराखंड एक कॉलेज और यूपी के 4 कॉलेज शामिल है. 
इंजीनियरिंग की पढ़ाई अच्छी अच्छी भाषा में भी. (प्रतीकात्मक चित्र)

इंदौर : अगर आप इंजीनियरिंग की पढ़ाई अपने क्षेत्रीय भाषा में करने का सपना देखते हैं. तो आपके लिए एक खुशखबरी है. देश के करीब आठ राज्यों के चौदह इंजीनियरिंग कॉलेज में क्षेत्रीय भाषा में इंजीनियरिंग पढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है. इसके लिए ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने इन 14 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 1000 से अधिक छात्रों को क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाने के लिए अनुमति ले ली है. क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाने का निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के तहत किया गया है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई मराठी, हिंदी, तमिल, मलयालम, बंगाली, पंजाबी, उड़िया, असमिया, गुजराती, कन्नड़ और तेलुगू में कराई जाएगी.

क्षेत्रीय भाषा में इंजीनियरिंग करने का फायदा 8 राज्यों को मिलेगा. देश की 8 राज्य इस प्रकार हैं. उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश. सर्वाधिक आठ इंजीनियरिंग कॉलेज में हिंदी में पढ़ाई करवाई जाएगी. जिनमें चार यूपी के 11 कॉलेज उत्तराखंड और एमपी के जबकि 2 कॉलेज राजस्थान के हिंदी क्षेत्रीय भाषा वाले शामिल है. भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पिछले साल यह जग जाहिर कर दिया था कि नए शैक्षिक सत्र से क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पर जोर देगा. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल में ही तकनीकी शिक्षा को भारतीय रीजनल भाषाओं में विकसित करने पर जोर दिया है. इसके अलावा उन्होंने वर्ल्ड लेवल के ग्लोबल जनरल को क्षेत्रीय भाषा में अनुवाद करने पर बढ़ावा दिया.

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एआईसीटीई के चेयरमैन अनिल सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि टेक्निकल एजुकेशन रेगुलेटर ने भारत सरकार के मंत्रालय के नियंत्रण में चल रहे स्वयं प्लेटफार्म पर इंजीनियरिंग से संबंधित वीडियो लेक्चरओं को आठ क्षेत्रीय भाषाओं में बदल चुके हैं. जबकि बाकी के बचे हुए भाषाओं में भी जल्द बदल दिए जाएंगे. आपको बता दें कि SWAYAM प्लेटफार्म पर फ्री वीडियो कोर्सेज उपलब्ध कराए जाते हैं. जिसको कोई भी छात्र इंटरनेट की मदद से पड़ सकता है.

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