इंदौर में जीएसटी टीम ने 33.5 किलो चांदी की ज़ब्त,23 लाख रूपए बताई जा रही कीमत

Smart News Team, Last updated: 07/08/2020 11:18 PM IST
  • इंदौर में स्टेट जीएसटी विभाग की टीम ने वाहनों की गहन तलाशी के दौरान आगरा से इंदौर आ रही बस में चांदी की पायलों की बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। बस में तलाशी के दौरान करीब 33.5 किलो चांदी से बरामद होने से हड़कम्प मच गया। 
चांदी तस्करी बस 

इंदौर के सर्राफा बाजार में पड़ोसी राज्यों से सोने-चांदी की तस्करी के लिए यात्री बसों को तस्करों ने नया जरिया बनाया है। जीएसटी कानून के अनुसार किसी भी तरह के माल परिवहन के लिए जीएसटी पोर्टल से ऑनलाइन ई-वे बिल जनरेट करना अनिवार्य होता है। लेकिन टैक्स से बचने के लिए यात्री बसों में सफर करने वाले लोगों के सामान के साथ इस तरह की कीमती धातुओं की खेप एक शहर से दूसरे शहर भेजी जा रही है।

जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर मोबाइल चैकिंग दल ने तीन दिन पहले आगरा से इंदौर आ रही बस को शिप्रा के पास रोक कर तलाशी ली गई। बस की पीछे की डिक्की में चांदी की खेप छिपाकर लाई जा रही थी । चांदी की खेप महिलाओं के पैरों में पहनने वाले जेवर पायल के रूप में थी। बस में बैठे यात्रियों और स्टाफ से इसके बारे में पूछताछ की गई लेकिन किसी ने उस पर दावा नहीं किया। इस पर अधिकारियों ने कार्रवाई कर चांदी को जब्त कर लिया। स्टेट जीएसटी के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार चौबे ने बताया कि वजन करवाने के बाद चांदी को शासकीय कोषालय में जमा करवा दिया है।

माना जा रहा है कि बिना टैक्स चुकाए और ई-वे बिल जैसी माल परिवहन की अनुमति लिए बगैर इस खेप को इंदौर के बाजारों में खपाने के लिए भेजा गया था। इंदौर के किसी व्यापारी ने तो चांदी पर दावा नहीं जताया लेकिन गुरुवार को विभाग में एक फोन जरूर पहुंचा। उस व्यक्ति ने खुद को आगरा का निवासी बताते हुए चांदी पर अपना स्वामित्व बताया है। उस व्यक्ति को चांदी की खरीदी-बिक्री से जुड़े दस्तावेज लेकर उपस्थित होने को कहा है। मूल्यांकन के आधार पर इस पर टैक्स की राशि का आकलन किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

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