मसालों को हानिकारक तेल से चमकाया जा रहा, कहीं आपकी मसालेदानी जानलेवा तो नहीं

Smart News Team, Last updated: 04/12/2020 05:01 PM IST
  • इंदौर प्रशासन और खाद्य विभाग साथ मिलकर मिलावटखोरी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है. टीम ने महू और राऊ में भी दो फैक्ट्रियों में छापा मारा है. जहां काली मिर्च को ऐसे तेल से चमकाने का काम किया जा रहा था.
सांकेतिक फोटो

इंदौर. मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत इंदौर प्रशासन ने खाद्य विभाग के साथ मिलकर मिलावटखोरों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है. गुरुवार को टीम ने महू और राऊ में भी दो फैक्ट्रियों पर छापा मारा. जहां काली मिर्च को ऐसे तेल से चमकाने का काम किया जा रहा था जो खाने लायक नहीं था. टीम ने फैक्ट्री को सील कर फूड सैंपल को जांच के लिए लैब में भिजवाया है. टीम ने सबसे पहले महू के पास उमरिया गांव में काली मिर्ची में मिलावट की सूचना पर फैक्ट्री में रेड मारी. यहां पर काली मिर्ची में पॉलिश कर और मैदा मिलाकर वजन बढ़ाने का काम किया जा रहा था. 

टीम राऊ में बालाजी ट्रेडर्स में भी जांच के लिए पहुंची. यहां पर कैमिकल से काली मिर्ची को चमकाने का काम चल रहा था. टीम ने जांच के लिए फैक्ट्री से सैंपल लिए और उसे सील कर दिया. डीएम मनीष सिंह ने कहा कि यहां पर भारी मात्रा में काली मिर्च का स्टॉक और छह ड्रम ऑयल मिला है. ऑयल जो मिला है वह खाने योग्य नहीं है. यहां से स्टार्च भी मिला है और ये लोग काली मिर्च को बिना किसी लाइसेंस के यहां पॉलिशिंग करके बेचते थे. 

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खाद्य विभाग की भोपाल लैब से मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रकार से मिनरल ऑइल में पॉलिशिंग करना बैन है. ये सब चीजें स्लो फूड प्वाइजनिंग की कैटेगरी में आती हैं जो शरीर के लिए हानिकारक है. काली मिर्च की प्रोसेसिंग भी यहां अवैध तरीके से की जा रही थी. किसी दूसरे लाइसेंस पर यह काली मिर्च पॉलिसिंग का काम कर रहा था. अभी सिविल कैटेगरी की कार्रवाई की जा रही है. यदि मामला गंभीर रहा तो क्रिमिनल केस भी दर्ज किया जाएगा. 

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