राजनीतिक कार्यक्रम के लिए सरकारी खाते के इस्तेमाल पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Smart News Team, Last updated: 14/10/2020 09:20 PM IST
  • सांवेर में हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यक्रम के लिए 600 बसों का इस्तेमाल किया गया था. वहीं, अब यह मामला इंदौर हाईकोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, बसों के अधिग्रहण को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई थी, जिस पर कोर्ट ने प्रशासन ने जवाब मांगा है.
इंदौर में राजनीतिक कार्यक्रम के लिए सरकारी खाते का इस्तेमाल किया गया है हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

इंदौर: मध्यप्रदेश के सांवेर में हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यक्रम के लिए 600 बसों का इस्तेमाल किया गया था. वहीं, अब यह मामला इंदौर हाईकोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, बसों के अधिग्रहण को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई थी, जिसमें यह सरकार पर आरोप लगाया गया था कि राजनीतिक कार्यक्रम के लिए सरकारी खाते का इस्तेमाल किया गया है. बता दें, इदौर हाईकोर्ट में यह याचिका जयेश गुरनानी ने दायर की थी. इसमें कहा है कि 26 सितंबर 2020 को सांवेर क्षेत्र में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसमें भीड़ जुटाने के लिए 600 बसों को अधिगृहित किया गया था. बसों के डीजल और अन्य व्यय का भुगतान शासन के खाते से किया गया जबकि यह कार्यक्रम पूरी तरह से राजनीतिक था.

वहीं, इंदौर हाईकोर्ट ने इस याचिका पर शासन, जिला प्रशासन और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न बसों के अधिगृहण पर खर्च की गई रकम की वसूली अधिकारियों से की जाए. बता दें, मध्यप्रदेश में उपचुनाव होने वाले हैं. ऐसे में राजनीतिक पार्टियां जोरो-शोरों से चुनाव प्रचार कर रही हैं. लेकिन कोरोनावायरस के कारण केंद्र सरकार ने चुनाव प्रचार के लिए कुछ गाइडलाइन जारी की थी, जिसके अनुसार सिर्फ 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति थी.

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वहीं, याचिका में यह भी कहा गया था कि केंद्र द्वारा जारी गाइड लाइन के हजारों की भीड़ इक्ट्ठा की गई. मामले की जांच हाई कोर्ट की निगरानी में करवाई जाए. इसके लिए सीनियर एडवोकेट या सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में समिति गठित की जाए. कोर्ट ने चुनाव आयोग, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, कलेक्टर सहित अन्य से जवाब मांगा है.

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