इंदौर: खजराना में ताजिया निकालने पर पूर्व पार्षद उस्मान पटेल समेत 30 गिरफ्तार

Smart News Team, Last updated: 01/09/2020 07:34 PM IST
  • खजराना के बड़ला इलाके में ताजिया निकालने के लिए भीड़ जमा होने पर एसडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. डीआईजी को लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर रासुका के तहत केस करने का निर्देश दिया गया है.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

इंदौर. इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में लॉकडाउन के दौरान ताजिया निकालने पर पुलिस ने पार्षद समेत 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. चौराहे पर ताजिया निकालने को लेकर यह कार्रवाई की गई है. लॉकडाउन उल्लंघन पर एसडीएम को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया गया. साथ ही उच्चाधिकारियों द्वारा कड़ी फटकार भी मिली. वहीं डीआईजी को आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया गया. सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वाले लोगों पर रासुका की कार्रवाई किया जाने का निर्देश दिया गया.

कोरोना काल में प्रतिबंध के बावजूद खजराना के बड़ला इलाके में ताजिए निकालने के मामले में पुलिस ने 7 मुकदमें दर्ज कर लिए हैं. मामले में सोमवार को पूर्व पार्षद उस्मान पटेल, अंसार पटेल, स्माइल पटेल, मोहम्मद अली अहमद सहित 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.कलेक्टर ने एसडीएम को नोटिस जारी किया और डीआईजी से उल्लंघन करने वालों पर रासुका की कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया है. दोषियों पर कार्रवाई को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने भी डीआईजी को ज्ञापन सौंपा है.

डीआईजी ने कहा कि खजराना में जो कानून का उल्लंघन हुआ, उस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए केस केस दर्ज किए गए हैं. टीआई को लाइन अटैच कर दिया गया है. वीडियो के आधार पर लोगों काे चिन्हित किया जा रहा है.

पुलिस के अनुसार खजराना में मनाही के बाद मन्नत के तीन ताजिए निकाले गए थे.

इन पर रासुका की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. इसमें ताजिए बनाने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है. दरअसल मानक के विपरीत ताजिये का निर्माण किया गया था. प्रशासन की ओर से तीन फीट की ऊंची प्रतिमा या प्रतीक चिन्ह बनाये जाने की अनुमति लरदान की गई थी .बावजूद इसके ऊंचाई का पालन नहीं किया गया. टीआई की गलती को लेकर कहा कि उन्हें सभी ताजियों पर फोर्स लगाकर उन्हें अपनी जगह से उठने ही नहीं देना था.खूफिया तंत्र को एक्टिव रखना था. थाने पर एएसपी, सीएसपी सहित तमाम बल मौजूद था. जिस समय यह हुआ उस समय थाने पर ताजिए वालों के साथ बैठक ही चल रही थी.

बैठक में तय हुआ था नहीं निकलेगा ताजिए का जुलूस

शांति समिति की बैठक में यह तय हो गया था कि ताजिया नहीं निकलेगा. बावजूद इसके विशेष संप्रदाय के लोगों द्वारा ताजिया निकाला गया. कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि शांति समिति की बैठक में खजराना से भी सभी धर्मों के धर्म गुरु, जनप्रतिनिधि मौजूद थे. बैठक में स्पष्ट रूप से तय किया गया था कि कोई ताजिया या जुलूस नहीं निकलेगा. यह भी निर्णय हुआ था कि ताजिए छोटे होंगे और घर पर ही रखे जाएंगे.

पुलिस-प्रशासन, नगर निगम, पंचायत की बैठक में सभी अधिकारियों को कहा गया था कि शांति समिति में जो निर्णय हुआ है उसका कड़ाई से पालन करवाना है.सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के चलते खजराना के बड़ला इलाके में निकाला गया ताजिया जुलूसखजराना के बड़ला इलाके में ताजिया निकालने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए.

कलेक्टर ने कहा कि इसमें दोनों तरफ से गलती हुई है. डीआईजी से कहा गया है कि जिन्होंने यह हरकत की है, उनको पकड़कर रासुका के तहत कार्रवाई की जाए.जिन लोगों ने ताजिया निकलने को लेकर सोशल मीडिया पर गलत मैसेज चलाया, उन्हें भी साइबर पुलिस की मदद से पकड़कर रासुका की कार्रवाई करें.

जिन्होंने भी यह हरकत की है, उन पर सख्त कार्रवाई होगी. मामले में टीआई और एसडीएम की भी गलती पाई गई है. टीआई को लाइन अटैच कर दिया गया है, जबकि एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है.

एसडीएम, सीएसपी और टीआई तीनों की ही लापरवाही है, इनके खिलाफ शासन को भी लिखेंगे. ताजिया बढ़ा था तो सख्ती से निपटना चाहिए था.

विश्व हिंदू परिषद ने डीआईजी को ज्ञापन सौंपा

विश्व हिंदू परिसर ने डीआईजी को ज्ञापन देकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.उन्होंने कहा उल्लंघन करने वालों को कड़ी सजा दी जाए नहीं तो क्षेत्र में कानून मजाक बनकर रह जाएगा. विशेष संप्रदाय द्वारा लॉकडाउन व नियमों की अनदेखी की जा रही है.

यह है मामला

कोरोना काल में प्रतिबंध के बाद भी शहर में रविवार को ताजिए निकालने की घटना सामने आई थी. इंदौर में खजराना के बड़ला इलाके में बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए. लोग पांच ताजिए लेकर मैदान में आ गए, जिसके बाद वहां सोशल डिस्टेंसिंग टूट गई. सूचना मिलने पर पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए.उन्होंने लोगों को समझाकर ताजिए वापस रखवाए. एएसपी राजेश रघुवंशी के अनुसार, घटना रविवार दोपहर को बड़ला में हुई है. चार दिन से लगातार समुदाय के लोगों को समझाया जा रहा था कि कोरोना काल में कोई भी भीड़ इकट्ठी नहीं होने देना है.ताजिए अपने स्थान पर रखे रहेंगे. उन्हें बाहर नहीं निकाला जाएगा.

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