इंदौर: 40 % मरीजों को है ऑक्सीजन की जरूरत, पहले अस्पताल में आते थे 10% मरीज

Smart News Team, Last updated: Sat, 19th Sep 2020, 9:43 AM IST
  • ऐसे में सिर्फ बुखार होने के बावजूद इन्हें अस्पतालों में भर्ती करना पड़ रहा है. शहर के चार अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों में से लगभग 40 प्रतिशत मरीज इसी स्थिति में ही पहुंच रहे हैं. जबकि पहले यह आंकड़ा 10 प्रतिशत था.
अस्पताल

इंदौर: कोरोना का अब नया रूप नजर आ रहा है. इसमें संक्रमित गंभीर मरीजों के साथ ही ऐसे मरीजों को भी सांस लेने में दिक्कत हो रही है जो गंभीर नहीं है. ऐसे में सिर्फ बुखार होने के बावजूद इन्हें अस्पतालों में भर्ती करना पड़ रहा है. शहर के चार अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों में से लगभग 40 प्रतिशत मरीज इसी स्थिति में ही पहुंच रहे हैं. जबकि पहले यह आंकड़ा 10 प्रतिशत था.

डॉक्टरों की माने तो एक या दो दिन ऑक्सीजन देने के बाद कई मरीज खुद सांस लेने में सक्षम हो जाते हैं, लेकिन गंभीर मरीजों को बाय पेप या वेंटिलेटर पर लेना जरूरी होता है. इस अवस्था में अस्पताल पहुंचने का सबसे मुख्य कारण देरी से जांच कराना भी सामने आया है.

लोग पहले सर्दी और अन्य बीमारी की दवाइयां ले रहे हैं. ठीक नहीं होने और संक्रमण बढ़ने पर जांच करा रहे हैं. वायरस के प्रभाव से इनके फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं. दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए यह गंभीर समस्या बन जाती है.

 

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