इंदौर: चुनौतियों के बीच पहले दिन जेईई परीक्षा में 400 छात्र हुए शामिल

Smart News Team, Last updated: 02/09/2020 04:09 PM IST
  • इंदौर के देवास नाका स्थित सेंटर पर बीआर्क और बी प्लानिंग के लिए बने सेंटरों पर लगभग 400 छात्र हुए शामिल. निःशुल्क सरकारी वाहन से भी परीक्षा केंद्र पहुंचे छात्र. टच फ्री व्यवस्था के बीच पहले दिन मोबाइल लेकर परीक्षा भवन में अंदर पहुंचा छात्र.
जेईई परीक्षा सेंटर पर पहुचे परिक्षार्थी

इंदौर सहित देश भर में जेईई परीक्षा की शुरुआत मंगलवार से हुई. छह दिन तक चलने वाली इस परीक्षा में पहले दिन देवास नाका स्थित सेंटर पर बीआर्क और बी प्लानिंग के लिए सेंटर बने थे जहाँ लगभग 400 छात्र सम्मिलित हुए.

सरकार ने अन्य शहरों से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए सेंटर तक पहुंचने में कोई असुविधा न हो इसके लिए नि:शुल्क गाड़ियों का इंतजाम किए थे. लेकिन संक्रमण के डर या परीक्षा में देरी होने के संसय के चलते कुछ परीक्षार्थी निजी वाहनों से परीक्षा केंद्र पहुंचे. दो सौ किमी दूर कुक्षी से बाइक से इंदरसिंह भिड़े अपनी बेटी राजकुमारी और भैरवसिंह कड़वाए अपने बेटे दीपक को लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचे. दोनों सुबह 8 बजे अलग-अलग गाड़ियों से कुक्षी से निकले और दोपहर 12 बजे इंदौर पहुंचे.

उन्होंने बताया कि सरकारी गाड़ी के लिए पोर्टल पर आवेदन किया था. गाड़ी मिलना सुनिश्चित भी हो गया था लेकिन हमें डर था यदि गाड़ी समय पर नहीं मिली तो देर हो सकती है, इसलिए हमने बाइक से आने का फैसला किया. बुधवार को बीटेक की परीक्षा दिलवाने के बाद दोनों वापस कुक्षी के लिए रवाना होंगे. 100 किमी दूर सोनकच्छ के पास पीपलरावां से जीवन चौहान भी अपनी भतीजी शीतल चाैहान को बाइक से परीक्षा दिलवाने लाए थे. अपने निजी वाहनों से आने वाले लोगों ने सरकारी वाहनों द्वारा समय से केंद्र न पहुंच पाने के संसय जताते हुए निजी सवारी को चुना.

पुनासा से बेटी खुशबू को परीक्षा दिलवाने आए कैलाश सोनी ने बताया कि हमने राज्य सरकार के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया था. हमारे लिए कार की व्यवस्था की गई. जिसके माध्यम से हम परीक्षा केंद्र पहुँचे और उसी से वापस भी जाएंगे. वहीं शहडोल से आर्यन को परीक्षा दिलवाने लाए बाबूलाल डोंगरे एक दिन पहले ही निजी गाड़ी से आ गए थे.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई प्रतिभागियों और जरूरी कागजातों की जांच की पूरी प्रक्रिया को टच फ्री बनाने की कोशिश की है. इस टच फ्री व्यवस्था के चक्कर में पहले दिन छात्र मोबाइल लेकर परीक्षा भवन में अंदर तक पहुंच गया. हालांकि कम्प्यूटर लैब में जाने से पूर्व ही वहाँ के कर्मचारियों को इसकी भनक लगी और मोबाइल जमा करवाया.

देवास नाका सेंटर पर सहायक संचालक प्रीति श्रीवास्तव सहित पांच पीटीआई पूरे समय मौजूद थे. संयुक्त संचालक ने भी दौरा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली. परीक्षा के समय अधिकारियों का लगातार दौरा जारी रहा.

बच्चों को पढ़ाने वाले अतिल अरोरा ने बताया कि मेरे 40 छात्र परीक्षा देने आने वाले थे, लेकिन 10 से 12 ही शामिल हुए हैं. वे ऐसे माहौल में दो बार परीक्षा देना नहीं चाहते. वे बीटेक में शामिल होंगे. वहीं धार का एक छात्र 4 सितंबर की बजाय मंगलवार को ही परीक्षा देने पहुँच गया.

 

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