इंदौर: एमवाई अस्पताल में फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला हुआ उजागर

Smart News Team, Last updated: 18/09/2020 10:36 AM IST
  • कंकाल बन चुके शव का मामला सामने आने के बाद जांच शुरू हुई तो जिम्मेदार अधिकारी गुरुवार को मोर्चरी रूम पहुंचे और यहां शवों को देखा. इसी दौरान फ्रिजर के पास एक बॉक्स नजर आया, जिसमें मासूम की बाॅडी रखी हुई थी.
महाराजा यशवंतराव अस्पताल

एमपी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय महाराजा यशवंतराव अस्पताल में अंतिम संस्कार के इंतजार में कंकाल बन चुके शव के मामले में अभी जांच भी पूरी नहीं हुई कि एक ऐसी ही मानवता को शर्मसार करने वाली एक और तस्वीर सामने आई है. दरअसल, गुरुवार को तीन महीने के अज्ञात शिशु का शव मोर्चरी रूम में बक्से में बंद मिला.

बताया जा रहा है कि 5 दिन पहले बच्चे की मौत हो चुकी है, तब से ही शव इसी हालत में पड़ा है. हद तो यह है कि पुलिस को जिम्मेदारों द्वारा उसके मौत की सूचना तक नहीं दी गई. ना ही उसका पोस्टमार्टम करवाया गया. अस्पताल प्रशासन के इस कारनामे की चर्चा चहुँओर है.

जानकारी मिली है कि बच्चा घायल अवस्था में अस्पताल में लाया गया था. उसकी यहां इलाज के दौरान 12 सितंबर को मौत हो गई. शव अज्ञात होने से जिम्मेदारों ने उसे एक बॉक्स में बंद किया और मोर्चरी रूम में रखकर भूल गए. जिम्मेदारों ने इतनी भी जहमत नहीं उठाई कि बच्चे की मौत की सूचना पुलिस को दें और उसका पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार करवा दें.

कंकाल बन चुके शव का मामला सामने आने के बाद जांच शुरू हुई तो जिम्मेदार गुरुवार को मोर्चरी रूम पहुंचे और यहां शवों को देखा. इसी दौरान फ्रिजर के पास एक बॉक्स नजर आया, जिसमें मासूम की बाॅडी रखी हुई थी. इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ. नियमों की बात करें तो मौत के 24 घंटे में ही पुलिस को सूचना देते हुए शव का पीएम हो जाना चाहिए, लेकिन इस अस्पताल में जो कुछ चल रहा है. वह बहुत ही शर्मसार करने वाला है और इसकी खूब भद्द पिट रहा है.

जाँच टीम जब कंकाल मामले में जांच करने अस्पताल पहुंचीं, अपर आयुक्त रजनी सिंह ने बच्चे के बॉक्स में मिले शव के सवाल पर कहा कि बच्चा यहीं पर एडमिट था. अस्पातल वाले पुलिस को सूचना नहीं दे पाए थे. आज उन्होंने सूचना दे दी है. मामले में गलती किसकी है, इस सवाल पर कहा कि हम जो जांच रिपोर्ट कमिश्नर साहब को सौंपेंगे उसमें इसका उल्लेख करेंगे.

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दूसरी तरफ एमवाय अस्पताल में दो दिन पहले अंतिम संस्कार के इंतजार में कंकाल बन चुके शव के मामले में कमिश्नर डॉ. पवन शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं. कमिश्नर के आदेश पर जांच दल गुरुवार को एमवाय अस्पताल पहुंचा. बताया जा रहा है कि यहां टीम ने अधीक्षक कार्यालय में एक-एक कर मोर्चरी के कर्मचारियों के बयान लिए. यहां पर कर्मचारियों द्वारा गोलमोल जवाब देने पर जांच दल ने उन्हें जमकर फटकारा भी.

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