इंदौर के सिकंदराबाद में खाने को मोहताज सैकड़ों परिवार, पानी में डूबे राशन-कपड़े

Smart News Team, Last updated: 23/08/2020 06:47 PM IST
  • बाढ़ का पानी उतरा तो दिखा बर्बादी का मंजर, पानी से ना राशन बचा न कपड़े राशन की दुकानें भी जलमग्न, नहीं मिल रहा दुकानों पर राशन भारी बारिश में डूब गया घर का सारा सामान, राशन बचे न कपड़े नाले की गंदगी से डेढ़ फीट ऊंची पटी है लोगों के घरों की फर्श
प्रतीकात्मक तस्वीर 

इंदौर। इंदौर के सिकंदराबाद में हजारों परिवार खाने को मोहताज हैं. शुक्रवार व शनिवार को हुई भारी बारिश से लोगों के घरों में पानी भर गया जिसके चलते घर में रखा सारा सामान राशन, कपड़े आदि डूब गए. ना रहने को ठिकाना ना खाने का कोई इंतजाम है.

सिकंदराबाद के लोग भूख और प्यास से तड़प रहे हैं. बारिश के बाद पानी खिसकने पर हुई तबाही को देखकर लोग रोने को मजबूर है. नालों में बहने वाला मलबा लोगों के घरों में जमा है.

करीब डेढ़ फीट ऊंचाई तक लोगों के घरों में नाले का मलबा जमा है. जिसके चलते सिकंदराबाद के सभी लोग अपने घर की साफ सफाई में जुटे हुए हैं.

सिकंदराबाद, गरीब नवाज, भिस्ती मोहल्ला, गौरी नगर में रेस्क्यू अभियान चलाकर सैकड़ों लोगों को बचाया गया था. लोग घरों में पड़े कपड़े व बिस्तर सुखा रहे हैं तो वहीं घर में पड़े थोड़े बहुत राशन भी छत पर सुखाया जा रहा है. घर में आटा, तेल, नमक, माचिस, दाल, सब्जी, चावल सब कुछ पानी में बह गया. किराने की दुकानों में भी खाने को कुछ नहीं बचा. सैकड़ों दुकानें भी भारी बारिश में डूब गई हैं जिसके चलते राशन के सामान भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं.

लोगों के पास खाने की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है. बच्चे भूख से बिलख रहे हैं.

स्थानीय निवासी रशीद खान ने बताया कि भारी बारिश में सब कुछ बर्बाद हो गया. घर में खाने के लिए कुछ नहीं बचा है. स्थानीय निवासी सलमान मुस्तफा ने बताया कि घर में रखें सभी कपड़े राशन बिस्तर सब कुछ पानी में डूब गए.

घर में नाले का मलबा 2 फीट तक जमा है. परिवार के सभी लोग घर की सफाई कर रहे हैं. रोशन अली ने बताया कि सड़क पर भी दो से ढाई फीट तक मलबा जमा है. अपने अपने घरों के सामने का मलबा लोग हटा रहे हैं.अभी तक नगर निगम की टीम सफाई के लिए नहीं पहुंची है. रमजान ने बताया कि घर में खाने को कुछ नहीं बचा है. राशन की दुकान भी पानी में डूब गई थी. उसकी दुकान में भी सब कुछ डूब गया. सुबह से सिर्फ ब्रेड खा कर ही परिवार के सभी लोग बैठे हैं.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें