इंदौर: माल्यार्पण करने पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ता को कांग्रेसियों ने पीटा

Smart News Team, Last updated: 03/10/2020 05:09 PM IST
  • पिटाई के बाद कार्यकर्ता ने पूछा गांधी स्थल पर मारपीट कहां की नैतिकता है, रीगल चौराहे स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष भाजपा और कांग्रेसियों के बीच विवाद हुआ था.
प्रतीकात्मक तस्वीर

इंदौर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा पहनकर माल्यार्पण करने पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ता की कांग्रेसियों ने बेरहमी से पिटाई कर दी. दरअसल कांग्रेसी इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद नाराज चल रहे हैं. कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी के अस्तित्व के डूबने का मुख्य कारण नरेंद्र मोदी को मान रहे है जिसके चलते उन्होंने शुक्रवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने आए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की जमकर पिटाई कर दी.

यह कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर आया था जिसके बाद कांग्रेसी चिढ़ गए और उन्होंने ताबड़तोड़ बीजेपी कार्यकर्ता की पिटाई कर दी. अहिंसा के पुजारी बापू की जयंती पर शुक्रवार को इंदौर में गांधी प्रतिमा के सामने ही हिंसा देखने को मिली.पीएम नरेंद्र मोदी की वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे एक भाजपा कार्यकर्ता को देख कांग्रेसियों ने अपना आपा खो दिया. बीजेपी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री मोदी का मुखौटा पहनकर गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचा था.

माल्यार्पण बाद जैसे ही वह नीचे उतरा कांग्रेसी उस पर टूट पड़े. कार्यकर्ता का कहना है कि उसके साथ मारपीट की गई. कांग्रेसी यहां माल्यार्पण के साथ हाथरस की घटना का विरोध भी कर रहे थे.

भाजपा नेता लक्ष्मीनारायण शर्मा के साथ हुई हाथापाई

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर इंदौर के रीगल चौराहे स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण का कार्यक्रम चल रहा था. उसी समय भाजपा कार्यकर्ता मोदी का मुखौटा लगाए महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचा.

माल्यार्पण करने के बाद जैसी नीचे उतरा कांग्रेसियों ने उन्हें घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी. नारेबाजी के बीच कुछ कांग्रेसियों ने मोदी मुखौटा पहने भाजपा नेता पर हमला भी किया. पुलिस ने बीच-बचाव करते हुए भाजपा नेता को जैसे-तैसे वहां से निकाला और रवाना किया.

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पुलिस और भाजपाइयों ने बचाकर बाहर निकाला

हमले के शिकार हुए भाजपा नेता लक्ष्मीनारायण शर्मा का कहना है कि वे मोदी के वेश में कार्यक्रम में शामिल होने आए थे. गांधी जी क्या केवल कांग्रेस के हैं.सबको उन्हें माला पहनाने का अधिकार है। मैं माला पहनाने आया तो कांग्रेसी बौखला गए और मारपीट पर उतारू हो गए. यह नैतिकता के खिलाफ है.कांग्रेसियों ने मेरे साथ गाली गलौज किया, मार-पीट की है. इन्होंने गांधी स्थल पर ही मारपीट की. इन पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए.

मोदी बन कर आया तो कांग्रेसियों को हो गई तकलीफ

भाजपा कार्यकर्ता के साथ कांग्रेसियों ने गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किए जाने के दौरान मारपीट कर ली. मारपीट किये जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता ने कहा कि मोदी बनकर माल्यार्पण करने गया था तो कांग्रेसियों को तकलीफ हो गई. कुर्सी जाने के बाद ये पागल हो गए हैं. मोदी जी जब राजघाट पर पुष्प अर्पित करके आए तो किसी कांग्रेसी को तकलीफ नहीं हुई. सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने तो उन्हें कुछ नहीं कहा. यहां के कांग्रेसी क्यों बौखला रहे हैं.

गांधी प्रतिमा के सामने कांग्रेसियों का इस तरह का आचरण बेहद निंदनीय

भाजपा नेता उमेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेसियों ने गांधी प्रतिमा के समक्ष जिस प्रकार का आचरण किया, वह निंदनीय है. जीवनभर महात्मा गांधी अहिंसा के मार्ग पर चलते रहे. गांधी प्रतिमा पर सामान्य नागरिक गांधी जी की प्रतिमा पर मोदी का मुखौटा पहनकर माल्यार्पण करने पहुंचा तो उसके साथ कांग्रेसियों ने मारपीट की.

कांग्रेसियों ने जिस प्रकार हिंसक आचरण किया वह शर्मनाक है. कांग्रेसियों ने गांधी जी को राजनीतिक हथियार बना लिया है. जब दुनियाभर में गांधी जी की जयंती को अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. यहां कांग्रेसियों द्वारा मारपीट करना लज्जाजनक है. यह कारनामा इंदौर को लज्जित करने वाला है. उस व्यक्ति का अपराध बस इतना है कि वह मोदी का मुखौटा लगाकर आ गया.

कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया

सांसद शंकर लालवानी ने मामले में कहा कि हमारे कार्यकर्ता के साथ कुछ कांग्रेसियों ने मारपीट की है. गांधी जी केवल कांग्रेस के नहीं हैं.वो जो कांग्रेस थी, वह कोई राजनीतिक पार्टी नहीं थी, बल्कि एक आंदोलन था. जो वर्तमान में कांग्रेस है. वह राजनीतिक पार्टी है.मैंने इतिहास में पढ़ा है कि महात्मा गांधी खुद चाहते थे कि आजादी के बाद आंदोलन वाली कांग्रेस को खत्म कर दिया जाए. वे राजनीतिक पार्टी बनाना नहीं चाहते थे. जो कृत्य उन्होंने किया है वह दुखद और निंदनीय है.

 

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