इंदौर: कोर्ट ने कहा ताजिए में शामिल होना अपराध नहीं, पढ़ें पूरी ख़बर

Smart News Team, Last updated: 17/09/2020 10:05 AM IST
  • इंदौर. हाई कोर्ट ने पूर्व पार्षद उस्मान पटेल सहित 4 के खिलाफ रासुका निरस्त की. कोर्ट ने कहा ताजिए में शामिल होना अपराध नहीं. सिर्फ एक केस के आधार पर ही रासुका नहीं लगाया जा सकता
प्रतीकात्मक तस्वीर

इंदौर। इंदौर में कोरोना संक्रमण के दौरान ताजिया जुलूस निकाले जाने को लेकर दाखिल किए गए रासुका याचिका पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. इस याचिका को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है. हाईकोर्ट ने कहा ताजिया जुलूस में सम्मिलित होना देशद्रोह नहीं हो सकता. संक्रमण के दौरान ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना देशद्रोह की श्रेणी में माना जा सकता है. सिर्फ एक ही केस के आधार पर रासुका नहीं लगाया जा सकता. कोर्ट के इस आदेश के बाद पूर्व पार्षद उस्मान सहित चार लोगों ने राहत की सांस ली है.

इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें संविधान और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. प्रशासन भले ही गलत हो न्याय व्यवस्था गलत नहीं हो सकती. आपको बता दें कि कोराेना काल में प्रतिबंध के बाद भी खजराना क्षेत्र में ताजिए निकले थे, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए थे. इसी को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की थी. प्रशासन ने सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था इसके अलावा पूर्व पार्षद उस्मान सहित चार लोगों के खिलाफ रासुका में केस दर्ज किया था.

खजराना में ताजिया निकालने के दौरान पूर्व पार्षद उस्मान पटेल सहित चार के खिलाफ जिला प्रशासन ने जो रासुका की कार्रवाई की थी, उसे हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि ताजिया में शामिल होना कोई अपराध नहीं है. केवल एक ही केस के आधार पर रासुका नहीं लगाई जा सकती. रासुका लगाने के बाद 12 दिन के भीतर इसे शासन से मंजूर कराना होता है.शासन ने रासुका की पुष्टि नहीं की.

शासन की ओर से रासुका लगाए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई जिसके चलते हाईकोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया. उस्मान सहित अन्य की तरफ से अधिवक्ता अभिनव धनोतकर ने याचिका दायर की थी.

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इसमें कहा गया था कि पटेल सहित अन्य केवल ताजिए में शरीक हुए थे. उन्होंने ताजिया नहीं निकाला था. प्रशासन ने बगैर उनका पक्ष सुने, बगैर कोई गंभीर अपराध के रासुका लगा दी. इसे निरस्त किया जाना चाहिए. हाई कोर्ट ने मंगलवार को केस सुनकर सुरक्षित रख लिया था. बुधवार को याचिका निरस्त कर दी गयी. रासुका की याचिका निरस्त होने के बाद आरोपियों ने राहत की सांस ली.

 

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