इंदौर: मोर्चरी के फ्रिजर में 6 दिन से अंत्येष्ठी का इंतजार कर रहा नवजात का शव

Smart News Team, Last updated: Fri, 18th Sep 2020, 4:23 PM IST
  • नवजात को 6 जुलाई को चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने एमवायएच में करवाया था भर्ती. मासूम ढाई महीने जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष के बाद 11 सितंबर को रात 12ः30 बजे मासूम जिंदगी की जंग हार गया. चार दिन तक शव बॉडी फ्रीजर में पुलिस का इंतजार करता रहा लेकिन किसी ने उसकी नहीं ली सुध.
अस्पताल

इंदौर:  मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आयी है, जहाँ अस्पताल की मोर्चरी के फ्रिजर में 6 दिन से नवजात का शव अंत्येष्ठी का इंतजार कर रहा है. अस्पताल के कर्मचारियों ने शव को खुले में रखने के बजाय फ्रीजर में रखवाया, लेकिन पुलिस उसके लिए इतना समय नहीं निकाल पाई की उसका पोस्टमार्टम करवा लेती.

सूचनाएं दर्ज करने के बाद भी पुलिस के जिम्मेदार यह कहते रहे कि उन्हें सूचना ही नहीं मिली. पूरा मामला आलीराजपुर के उस नवजात का है जिसे 6 जुलाई को चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने एमवायएच में भर्ती करवाया था. मासूम ढाई महीने जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष के बाद 11 सितंबर को रात 12ः30 बजे मासूम जिंदगी की जंग हार गया. वहीं 12 सितंबर तड़के 4ः30 बजे सीएमओ ने उसकी मौत की सूचना एमवायएच चौकी पर हेड कांस्टेबल नारायण को दे दी थी. बजाय मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम करवाने के पुलिस सूचना दर्ज कर भूल गई.  

इधर, पुलिस नहीं पहुंची तो पोस्टमार्टम कक्ष के कर्मचारियों ने शव को बॉडी फ्रीजर में रखवा दिया. चार दिन तक शव बॉडी फ्रीजर में पुलिस का इंतजार करता रहा, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली. आखिर कर्मचारियों ने 16 सितंबर को एक बार फिर पुलिस चौकी पर सूचना दी. इस बार कांस्टेबल जगन्नााथ ने सूचना दर्ज की, लेकिन इस बार भी पुलिस कागजी कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कक्ष तक आना भूल गई. गुरुवार को एक बार फिर पुलिस को सूचना दी गई और इस बार मर्ग कायम हो गया.

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