इंदौर लॉकडाउन 1 जून से खुलने के दिए DM ने संकेत, चरणबद्ध तरीके से खुलेगा शहर

Smart News Team, Last updated: Fri, 21st May 2021, 5:50 PM IST
  • इंदौर में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि 1 जून से इंदौर योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग चरणों मे अलग-अलग जरूरी गतिविधियों के लिए खोला जाएगा. उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस को लेकर सजग प्रशासन जल्द ही कोविड केयर सेंटर के एक हिस्से को पोस्ट कोविड केयर सेंटर में तब्दील करेगा .
इंदौर डीएम ने इंदौर के जल्द खुलने के संकेत दिए है .

इंदौर. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की मार झेल रहे इंदौर को 1 जून से एक प्लानिंग के तहत खोला जाएगा. इस संबंध में आज इंदौर कलेक्टर ने अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली. दरअसल, सीएम शिवराज सिंह चौहान के इंदौर दौरे के बाद से ही ये तो साफ हो रहा था कि इंदौर का प्रभावित जनजीवन 1 जून से दोबारा पटरी पर लौट आएगा लेकिन ये कैसे और किस तरह से संभव होगा इस बात की जानकारी शुक्रवार को इंदौर के डीएम ने मीडिया को दी.

 

एक जून से एक बार फिर प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की आर्थिक गतिविधियां शुरू हो सकेगी, इस बात के संकेत इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने दे दिए है. कलेक्टर इंदौर ने बताया कि उनके हाल ही में जारी किए गए आदेश का पालन सख्ती से कराया जा रहा है क्योंकि शहर को दोबारा खोलने के पहले संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लगाई जा सके. इसके बाद सबसे पहले फेज में किराना, सब्जी व फल दुकानों को खोला जाएगा .इसके बाद कंस्ट्रक्शन वर्क से जुड़े कार्यो की परमिशन होगी ताकि हर रोज मजदूरी करने वालो की आर्थिक परेशानी दूर हो सके. वही दूसरे चरण में अन्य दुकानो और रेस्टोरेंट खोले जा सकेंगे जहाँ प्रारंभिक तौर पर टेक अवे की अनुमति होगी. वही एक जून के बाद जिन क्षेत्रो में कोरोना संक्रमण के केस ज्यादा मिलेंगे उन क्षेत्रों को माइक्रो कंटेन्मेंट घोषित कर प्रतिबंध के दायरे में लाया जाएगा.

इंदौर: ब्लैक फंगस के इलाज के लिए निजी अस्पताल ने दिया 50 लाख का एस्टिमेटेड बिल

ब्लैक फंगस की रोकथाम को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि शहर के राधा स्वामी सत्संग ब्यास के कोविड केयर सेंटर के एक हिस्से को पोस्ट कोविड सेंटर में तब्दील किया जाएगा. जहां पोस्ट कोविड मरीजों के लिए डॉक्टर्स और स्टाफ की टीम रहेगी जो लगातार उनकी देखभाल करेगी . वहाँ फिजियोथेरेपी की सुविधा भी मिलेगी. इसके अलावा ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीजों के लिए नेजल एंडोस्कोपी की मशीनें पोस्ट कोविड सेंटर पर उपलब्ध रहेगीऔर इएनटी सर्जन भी मौजूद रहेंगे.

 शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी खोलने की बात कहते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि अब तक शहरी क्षेत्रों में 560 कंटेन्मेंट जोन बनाए जा चुके है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रो में 70 कंटेन्मेंट जोन बनाए गए है. हालांकि शहर की गतिविधियां आगे जब शुरू होगी और किसी क्षेत्र या मार्केट से एक साथ ज्यादा मरीज आएंगे तो वहां माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बनाकर शहर में कोरोना फैलने से रोका जा सकेगा.फिलहाल, ये तो साफ है कि 31 मई तक इंदौर को कड़े कोरोना कर्फ्यू का सामना करना पड़ेगा और उसके बाद एक बार फिर से औद्योगिक नगरी में जीवन की गाड़ी दोबारा पटरी पर धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ती नजर आएगी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें