इंदौर: दो साल से वेतन न मिलने के कारण डॉक्टर आए सामने बताई अपनी पीड़ा

Smart News Team, Last updated: 14/09/2020 02:22 PM IST
  • इंदौर. दो सालों से किसी भी स्टाफ व अन्य सेवा प्रदाताओं को वेतन नहीं दिया गया है. जिसका मामला थाने भी पहुंच गया था. इस मामले की मुख्यमंत्री तक से शिकायत की गई है. संचालक का कहना है कि उन्होंने किसी से भी नहीं कहा कि आपके रुपए नहीं दूंगा.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

इंदौर| इंदौर की ग्रेटर कैलाश अस्पताल में काफी दिनों से डॉक्टरों के बीच विवाद चल रहा था. जिसका मामला थाने भी पहुंच गया था. जिस पर डॉक्टरों ने दो साल की फीस भुगतान नहीं किए जाने को लेकर विवाद बताया.

ग्रेटर कैलाश के डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ ने वार्ता के दौरान बताया कि बीते दो सालों से किसी भी स्टाफ व अन्य सेवा प्रदाताओं को वेतन नहीं दिया गया है. जिसकी कई बार मांग उठाई गई मगर अस्पताल प्रशासन ने उनकी एक न सुनी. मामला बढ़ता देख अस्पताल के अन्य डॉक्टर भी सामने आए. जिसमें डॉक्टर सी पी कोठारी, राजेश गुप्ता, विवेक श्रीवास्तव, आलोक जैन ने कहा कि डॉ श्रीवास्तव ही नहीं बल्कि अस्पताल के कई कर्मचारियों का भुगतान बकाया है. लंबे समय से उनके द्वारा भुगतान की मांग की जा रही थी लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने गलत तथ्य प्रस्तुत किए हैं.

इसके लिए डाक्टरों व स्टाफ ने ग्रेटर कैलाश डॉक्टर्स व हॉस्पिटल स्टाफ वेलफेयर सोसाइटी नाम से एक समिति का गठन भी किया है. इस मामले की मुख्यमंत्री तक से शिकायत की गई है. बताया कि नोटबंदी के समय आयकर विभाग सहित प्रवर्तन निदेशालय के छापे की कार्रवाई के बाद से ही अस्पताल प्रबंधन ने भुगतान नहीं किया है. मगर उनके द्वारा तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया. जिससे चिकित्सा जगत की छवि खराब हो रही है.

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कहा कि उनका मानदेय बकाया है न ही किसी प्रकार की कमीशन की बात की गई है. अस्पताल प्रबंधन से डाक्टरों व स्टाफ का विवाद दो साल से ज्यादा पुराना है. कहा कि ऐसे समय में अस्पतालों ने डॉक्टरों के वेतन में 50 से 80 फ़ीसदी कटौती की जा चुकी है.

अस्पताल संचालक का कहना है कि उन्होंने किसी से भी नहीं कहा कि आपके रुपए नहीं दूंगा. आर्थिक परेशानियां सभी को कभी ना कभी आती हैं. बुरे समय में कई लोगों ने अस्पताल का साथ छोड़ दिया. जिससे स्थितियां बदली हैं. उन्होंने कहा कि जिसका जितना रुपए बकाया है मैं आगे भी देता रहूंगा. इससे पहले स्थितियां बेहतर हो जाए तो अच्छा होगा.

 

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