IIT कानपुर से इंजीनियरिंग और लॉ करने के बाद ये शख्स सड़क किनारे भीख मांग रहा

Smart News Team, Last updated: 10/12/2020 09:41 PM IST
  • आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और डीएवी पीजी कॉलेज लखनऊ से वकालत करने वाला शख्स इंदौर में भीख मांग रहा है. फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले इस शख्स को एनजीओ ने रेस्क्यू कर लिया है और परिवार की तलाश जारी है.
इंदौर: IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, और LLM डिग्रीधारी सड़क किनारे भीख मांगते मिला

इंदौर: आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और DAV लखनऊ से एलएलएम का छात्र 90 साल की उम्र में एमपी में भीख मांगता हुआ मिला. फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले इस बुजुर्ग को देख लोग हैरान रहते थे. जब एक एनजीओ ने इस शख्स का रेस्क्यू किया और जानकारी जुटाई तो हकीकत सामने आई. 

90 की उम्र में ग्वालियर की सड़कों पर लोगों से मांग कर अपनी पेट भरते हैं. बातचीत में उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजनीयरिंग की डिग्री ली है. इन्होंने अपना नाम सुरेंद्र वशिष्ठ बताया है पिता छेदा लाल वशिष्ठ हैं. कुछ दिन पहले टीआई मनीष मिश्रा को रेस्क्यू करने वाले संस्था ने ही इनका भी रेस्क्यू किया. मनीषा मिश्रा भी ग्वालियर के इसी संस्था में रह रहे हैं. 

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1969 IIT बैच के हैं छात्र

ग्वालियर स्थित आश्रम स्वर्ग सदन के विकास गोस्वामी ने बताया कि हमने इन्हें ग्वालियर बस स्टैंड के पास लावारिस हालत में पाया. जब हमने उनसे बातचीत शुरू की तो वह अंग्रेजी में बात करने लगे. उसके बाद हम लोग उन्हें आश्रम लेकर आए हैं और उनके रिश्तेदारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. सुरेंद्र वशिष्ठ ने बातचीत के दौरान बताया है कि वह 1969 बैच में आईआईटी कानपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं.

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पिता जेसी मिल मै सप्लायर के पद पर थे.

सुरेंद्र वशिष्ठ ने यह भी बताया है कि उन्होंने डीएवी कॉलेज लखनऊ से 1972 में एलएलएम किया है. उनके पिता जेसी मिल में सप्लायर थे. यह मिल 1990 में बंद हो गया था. इसी संस्था में रह रहे मनीष मिश्रा की स्थिति अब पहले से बेहतर हैं.

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