इंदौर: अदरक की चाय की शौकीन बंदरिया चिड़ियाघर से लापता, सुराग देने वाले परिवार को मुफ्त टिकट

Somya Sri, Last updated: Sat, 13th Nov 2021, 7:34 AM IST
  • इंदौर के कमला नेहरू चिड़ियाघर से एक बंदरिया गायब हो गई है. बंदरिया अदरक की चाय की शौकीन थी इसलिए दर्शकों का ध्यान खींचने में कामयाब रहती थी. चिड़ियाघर के प्रशासन ने बंदरिया को ढूंढने के लिए जमीं आसमां एक कर दिया है. चिड़ियाघर के प्रशासन के मुताबिक जो व्यक्ति बंदरिया का सुराग देगा उस व्यक्ति के पूरे परिवार को इनाम के तौर पर चिड़ियाघर का मुफ्त टिकट दिया जाएगा.
इंदौर: अदरक की चाय की शौकीन बंदरिया चिड़ियाघर से लापता, सुराग देने वाले परिवार को मुफ्त टिकट (प्रतिकात्मक फोटो)

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर के कमला नेहरू चिड़ियाघर से एक बंदरिया गायब हो गई है. बंदरिया अदरक की चाय की शौकीन थी इसलिए दर्शकों का ध्यान खींचने में कामयाब रहती थी. चिड़ियाघर के प्रशासन ने बंदरिया को ढूंढने के लिए जमीं आसमां एक कर दिया है. चिड़ियाघर के प्रशासन के मुताबिक जो व्यक्ति बंदरिया का सुराग देगा उस व्यक्ति के पूरे परिवार को इनाम के तौर पर चिड़ियाघर का मुफ्त टिकट दिया जाएगा. बंदरिया लंगूर प्रजाति की है और उसका नाम टिया है. चिड़ियाघर प्रशासन ने की बंदरिया का नाम टिया रखा था. बंदरिया 10 महीने की है. चिड़ियाघर प्रशासन बंदरिया को वापस लाने के लिए खोजबीन शुरू कर दिया है.

चिड़ियाघर के प्रभारी उत्तम यादव ने कहा, ''लंगूर प्रजाति की बंदरिया को हमने टिया नाम दिया था जिसका पिछले एक महीने से कोई अता-पता नहीं है.'' यादव ने बताया कि बंदरिया को चिड़ियाघर के अन्य जानवरों की तरह पिंजरे में कैद नहीं किया गया था और वह पूरे चिड़ियाघर में खुले में घूमती रहती थी. उन्होंने कहा कि टिया की तलाश कर रहे चिड़ियाघर प्रबंधन ने पशु कल्याण संगठनों के सोशल मीडिया खातों पर इस बंदरिया की तस्वीरें भी साझा की हैं.

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सुराग देने वालों को मुफ्त टिकट

यादव ने कहा, ''टिया के बारे में पक्का सुराग देने वाले व्यक्ति के पूरे परिवार को हम चिड़ियाघर का मुफ्त टिकट देंगे.'' उन्होंने बताया कि 10 महीने की बंदरिया अदरक की चाय की खासी शौकीन थी और चिड़ियाघर में दर्शकों के लिए बनाए गए फूड जोन में इसकी रोज चुस्कियां लेती थी. यादव ने कहा, "दर्शक, खासकर छोटे बच्चे नन्ही बंदरिया को चाय पीते देख खूब खुश होते थे. वह दर्शकों से दोस्ताना बर्ताव करती थी."

यादव ने कहा, "इंदौर से करीब 40 किलोमीटर देपालपुर क्षेत्र में बंदरिया की मां की करीब 10 महीने पहले बिजली के तार से करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी." चिड़ियाघर के प्रभारी ने कहा, "उस समय टिया (बंदरिया) की उम्र महज दो-तीन दिन रही होगी. उसकी मां की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसे वन विभाग को सौंप दिया था. वन विभाग ने उसे बेहतर देखभाल के लिए चिड़ियाघर भेज दिया था."

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