इंदौर: कोरोना वायरस चट कर गया 350 करोड़ रूपए का बजट

Smart News Team, Last updated: 11/09/2020 09:40 PM IST
  • मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण सरकार का करोड़ों का बजट चट कर चुका है लेकिन अब तक कोरोना को कंट्रोल करने में सफलता हाथ नहीं लगी है. अस्पताल में भर्ती कोरोना रोगियों में एक मरीज पर 45 हजार रूपए तक का खर्चा आ रहा है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

मध्यप्रदेश में कोरोना इंसानों की जिंदगी के साथ ही प्रदेश का बजट भी लील रहा है. 24 मार्च से अब तक यानी 5 माह 17 दिन में सरकार कोरोना के इलाज और इंतजामों पर 350 करोड़ रु. खर्च कर चुकी है. इसमें भी 125 करोड़ रु. सिर्फ कोरोना की जांचों पर खर्च हो चुके है. फिर भी संक्रमण प्रदेश में बेकाबू है. प्रदेश में रिकॉर्ड 2187 नए केस मिले. कुल संक्रमित 81 हजार के पार पहुंच गए.

अगर कोरोना पर हुए खर्चे को मरीजों के लिहाज से देखे तो सरकार अब तक हर मरीज पर अनुमानित 43 से 45 हजार रु. खर्च कर चुकी है. यह सिर्फ सरकारी खर्च है. इसमें होम आइसोलेशन के मरीजों का खर्च शामिल नहीं है. क्योंकि ये मरीज घर में रहते हैं. सरकार का अनुमान है कि अक्टूबर तक संक्रमण दोगुना हो जाएगा. ऐसे में कुल खर्च भी 500 करोड़ तक पहुंच सकता है.

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान का कहना है कि अभी 150 करोड़ रु. रखे हैं. जरूरत पड़ी तो सारी व्यवस्था हो जाएगी. सूत्रों की मानें तो सरकार ने हाल ही में एक हजार करोड़ का कर्ज लिया है. केंद्र से इस साल जीएसटी की क्षतिपूर्ति का पैसा भी करीब 10-11 हजार करोड़ रु. कम आने की संभावना है. ऐसे में मुश्किलें ओर बढ़ सकती है.

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अमेरिका के कैलीफोर्निया से आने वाली ‘कोबास-8800’ मशीन अब नहीं आएगी. इसे सितंबर के पहले पखवाड़े में आना था. आठ करोड़ रुपए की लागत वाली यह मशीन मप्र आती तो एक बार में 3500 टेस्ट हो जाते. इसे इंदौर में स्थापित करने का प्रस्ताव था। बताया जा रहा है कि अब चूंकि सारे टेस्ट फीवर क्लीनिक में ही होने हैं तो यह संख्या अब नहीं बढ़ेगी.

 

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