इंदौर में तेजी से घटी 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों की आबादी, बुजुर्गों में इजाफा

Smart News Team, Last updated: Sun, 11th Jul 2021, 5:43 PM IST
  • इंदौर जनपद में 1991 से 2021 तक के आंकड़ों के अनुसार बच्चों की संख्या 50.73 से 38.35 लाख ही रह गई है जबकि बुजुर्गों की संख्या में भी इजाफा हुआ है. इसका कारण अधिक उम्र में शादी का होना और आम जन में चली आ रही एक से दो संतान की परंपरा है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

इंदौर.  इंदौर जनपद में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की संख्या तेजी से गिर रही है. वर्ष 1991 की जनगणना को देखें तो 18 से कम उम्र के लोगों की आबादी कुल जनसंख्या के लगभग आधी थी. वहीं वर्ष 2021 में हुए तमाम सर्वे को मानें तो जनपद की कुल आबादी में यह घटकर करीब 38.35 लाख तक आ गया है और 18 वर्ष से कम उम्र की आबादी मात्र 27% तक रह गई है. 

वहीं इस समय काल मे बुजुर्गों की आबादी में इजाफा देखा जा रहा है. यह 5 प्रतिशत से बढ़कर 8 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. सामाजिक सरोकारों से ताल्लुक रखने वालों की मानें तो इसका सबसे बड़ा कारण अधिक उम्र में शादी का होना और आम जन में चली आ रही एक से दो संतान की बढ़ती परंपरा माना जा रहा है. इस प्रकार बुजुर्ग व्यक्तियों की आबादी में तेजी से इजाफा होता जाएगा, क्योंकि कार्यशील जनसंख्या बुजुर्गों में परिवर्तित होगी. यहीं नहीं औसत आयु बढ़ने से बुजुर्ग लोगों की संख्या में बढ़ोतरी होगी. इसके चलते आने वाले दिनों में बुजुर्गों के भरण-पोषण आदि एक बड़ी चुनौती होगी.

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3.33 लाख से बढ़ कर 25 लाख हुई कार्यशील आबादी: वर्ष 1991 में कार्यशील आबादी 3.33 लाख थी जो कि कुल आबादी का 44% थी. लेकिन अब यह बढ़कर 25 लाख से अधिक हो गई है जो कि कुल आबादी का लगभग 65% है. इस कारण कारोबारी गतिविधियों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है. ज्ञात हो कि इंदौर का कुल क्षेत्रफल 3898 वर्ग किलोमीटर है. 1991 की जनगणना के अनुसार इंदौर में प्रतिवर्ग किलोमीटर में सिर्फ 193 लोग रहते थे, किन्तु अब प्रतिवर्ग किमी में क्षेत्र में 983 लोग रहते हैं.

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