मस्टरकर्मी से बना क्लर्क पांच साल में खड़ी की करोड़ों की संपत्ति, ऐसे हुआ खुलासा

Anurag Gupta1, Last updated: Fri, 29th Oct 2021, 10:59 AM IST
  • इंदौर में नगर निगम क्लर्क राजकुमार निकला करोड़पति. 2016 में मस्टरकर्मी से क्लर्क हुआ था बाकी साथ में काम करने वाले अभी मस्टरकर्मी ही हैं. राजकुमार नगर निगम से सेटलमेंट के नाम पर मोटा कमीशन लेता था. नोटबंदी में अधिकारियों के पैसे इधर उधर किये.
(प्रतीकात्मक फोटो)

इंदौर. इंदौर नगर निगम के करोड़पति क्लर्क का राज खुला. लेखा विभाग में तैनात क्लर्क राजकुमार सालवी ने 1997 में मास्टरकर्मी के पद पर ड्यूटी ज्वाइन की थी. 2016 में उसे नियमित किया गया और प्रमोशन से क्लर्क हो गया. राजकुमार के साथ में काम शुरू किए लोग अभी अस्थायी ही है. राज कुमार ने परमानेंट होने के बाद से विभाग में अच्छी पैठ बना ली थी.

राजकुमार अपनी काली कमाई से करोड़ों की संपत्ति बना चुका था. गुरूवार को EOW की छापेमारी में ये खुलासा हुआ. EOW की टीम ने राजकुमार के ठिकानों पर छापा मारा तो करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ.

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नियमित होने के बाद से शुरू किया संपत्ति निर्माण:

नौकरी में आने के बाद सबसे पहले उसने अंबिकापुरी में घर बनाया. इस मकान से कुछ दूर ही एक और प्लॉट खरीदकर दूसरा घर बनवाया. इसे किराए पर चढ़ा दिया. उसके बाद बगल का भी प्लाट खरीद लिया. इसके अलावा सीता कॉलोनी के मेहता बाग स्थित अपार्टमेंट में दो फ्लैट खरीद लिया.

परिवार में सबसे छोटा है राजकुमार:

राजकुमार के पिता परिवार सहित बियाबानी के कंजर मोहल्ले के दो कमरे में रहते थे. राजकुमार के पिता नवीनचित्रा सिनेमाघर में नौकरी करते थे. सात भाई-बहनों में राजकुमार सबसे छोटा है. चार भाईयों में अशोक, विजय, सतीश और सबसे छोटा राजा उर्फ राजकुमार सालवी है. राजकुमार के पिता का पन्नालाल का विजयनगर में एक प्लॉट था. जिसे बेचकर सभी भाईयों ने हिस्सा बांट कर लिया था. राजकुमार अपने पिता के साथ ही रहता था. पिता की मृत्यु के बाद वो अपनी पत्नी को लेकर एयरपोर्ट इलाके में रहने लगा.

नोटबंदी से कमाया खूब पैसा:

राजकुमार नगर निगम से सेटलमेंट के नाम पर मोटा कमीशन लेता था. पूछताछ में खुलासा हुआ कि नोटबंदी के समय कई बड़े अधिकारियों का पैसा भी इधर उधर किया था. जिसकी जानकारी भी विभाग के पास थी लेकिन अफसरों और राजनीतिक पैठ होने से राजकुमार बचता रहा. बताया जा रहा है. EOW को छापे को दौरान जानकारी मिली कि राजकुमार ने काली कमाई से बनवाई हुई संपत्ति अपने पत्नी, बेटे, साले व जीजा के नाम पर कर रखी थी.

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