इंदौर: अब नाम ट्रांसफर व एनओसी के लिए नहीं जाना पड़ेगा आरटीओ

Smart News Team, Last updated: 18/09/2020 06:40 PM IST
  • आरटीओ में रजिस्टर्ड अपने वाहन को दूसरे शहर या राज्य में ले जाने के लिए आरटीओ की एनओसी के लिए भी आवेदक को उपस्थित होना पड़ता है. इस परेशानी से बचाने के लिए एआरटीओ हृदयेश यादव ने योजना तैयार की है.
आरटीओ

इंदौर: अब गाड़ी के नाम ट्रांसफर, एनओसी जैसे कामों के लिए आरटीओ कार्यालय आपको अब नहीं जाना होगा. बस आपके पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है. परिवहन विभाग इस योजना पर काम कर रहा है. केंद्र से सहयोग मिलने पर इसे लागू किया जाएगा. इंदौर आरटीओ ने योजना बनाकर मुख्यालय भेजी है.

अभी वाहन बेचने पर वाहन मालिक को पूरी कागजी कार्रवाई के बावजूद आरटीओ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत होना पड़ता है. इसी तरह किसी आरटीओ में रजिस्टर्ड अपने वाहन को दूसरे शहर या राज्य में ले जाने के लिए आरटीओ की एनओसी के लिए भी आवेदक को उपस्थित होना पड़ता है. इस परेशानी से बचाने के लिए एआरटीओ हृदयेश यादव ने योजना तैयार की है.

परिवहन आयुक्त मुकेश जैन ने आरटीओ की व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने और आवेदकों की सुविधाओं के लिए विभिन्ना कमेटियां बनाई हैं जो अपने प्रस्ताव भेज रही हैं. इन कमेटियों के सुझाव और प्रस्ताव को धीरे-धीरे लागू किया जाएगा. इसके अलावा ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी बनाए जाएंगे. इससे लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ नहीं जाना होगा.

अब होगी कागज की भी बचत

परिवहन विभाग की वेबसाइट से आवेदक अप्लाई करेगा जिसके लिए आधार कार्ड जरूरी होगा. इसमें सत्यापन के लिए एक नया विकल्प जोड़ा जाएगा. व्यक्ति पास के एमपी ऑनलाइन या कियोस्क सेंटर जाकर अपना थंब इंप्रेशन देगा. इससे पुष्टि हो जाएगी कि आवेदक असली व्यक्ति है. इसके बाद कार्यालय में उसकी फाइल अप्रूव कर दी जाएगी.

यह प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाती है तो कागज की बचत भी होगी. आनलाइन आवेदन करने पर फाइल ऑॅनलाइन ही रहेगी. जैसे ही केंद्र से आधार कार्ड के डेटा का एक्सेस हमें मिलेगा, योजना शुरू कर दी जाएगी.

 

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