इंदौर: प्लाज्मा डोनेशन के लिए आगे नहीं आ रहे लोग

Smart News Team, Last updated: 10/09/2020 11:59 AM IST
  • इंदौर. नहीं मिल रहा ए और एबी ब्लड ग्रुप का प्लाज्मा इंदौर के दो प्लाज्मा बैंक के स्टॉक में नहीं उपलब्ध है ब्लड ग्रुप ए और एबी का प्लाज्मा
प्रतीकात्मक तस्वीर 

इंदौर। इंदौर में प्लाजमा डोनेशन नहीं होने से कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में परेशानी हो रही है. दरअसल इंदौर में प्लाज्मा डोनेशन के लिए लोग आगे नहीं आ रहे हैं जबकि प्लाज्मा से कोरोना का इलाज करना सबसे आसान और कारगर तरीका है. इससे मरीज की हालत जल्दी ठीक होती है. साथ ही इसकी रिकवरी रेट भी ज्यादा है.

इंदौर में सबसे पहले अप्रैल में सेम्स में प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज शुरू किया गया था. यह काफी कारगर रहा जिसके बाद से अन्य शहरों में भी प्लाज्मा से इलाज किया जाना शुरू कर दिया गया. बता दें कि इंदौर स्थित दो प्लाज्मा बैंक इस समय प्लाज्मा स्टॉक से जूझ रहे हैं.

इन दोनों ही ब्लड बैंकों में प्लाज्मा मौजूद नहीं है. इनमें ब्लड ग्रुप ए और एबी की सबसे अधिक मांग है. इन दोनों का ही स्टॉक ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं है. अस्पताल में लोग आने से परहेज कर रहे हैं. इंदौर में अब तक 375 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी दिया गया है. पैथोलॉजिस्ट डॉ सतीश जोशी ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी इलाज का बहुत ही कारगर तरीका है. इसके बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं.  

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अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले सभी मरीजों से प्लाज्मा डोनेट किए जाने की अपील की जा रही है. डिस्चार्ज होने के 14 से 15 दिनों बाद उन्हें प्लाज्मा डोनेशन के लिए अस्पताल आने की अपील की जा रही है. ताकि पहले उनकी एंटीबॉडी जांच कर ली जाए.लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है. ऐसे में यदि प्लाज्मा डोनेशन देने वालों की संख्या में कमी आएगी तो इलाज करना बेहद मुश्किल हो जाएगा.

 

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